बुलंदशहर l भारत पुष्प l कस्बा बुगरासी में किसानों की मांगों को लेकर एक बार फिर माहौल गरमा गया। भारतीय किसान यूनियन भानु के प्रदेश उपाध्यक्ष सुनील चौहान के नेतृत्व में बड़ी संख्या में किसानों ने एक दिवसीय धरना-प्रदर्शन किया। किसानों का कहना था कि पिछले कई महीनों से वे अपनी मांगों को लेकर अधिकारियों के चक्कर लगा रहे हैं और कई बार आश्वासन मिलने के बावजूद कार्रवाई आगे नहीं बढ़ी। लेखपाल को हटाने पर अड़े किसान।धरने में सबसे प्रमुख मांग स्याना तहसील में तैनात लेखपाल राघवेंद्र को हटाने की रही। किसानों ने आरोप लगाया कि संबंधित प्रकरण में कार्रवाई की मांग लंबे समय से की जा रही है, लेकिन अधिकारी स्तर से लगातार आश्वासन ही मिलता रहा। किसानों ने स्पष्ट किया कि जब तक लेखपाल को तहसील से हटाने की कार्रवाई नहीं होती, तब तक उनका आंदोलन जारी रहेगा। महिला पर दर्ज मुकदमे का मुद्दा भी गरमाया। धरने में पीड़ित महिला के खिलाफ दर्ज मुकदमा वापस लेने की मांग भी जोर-शोर से उठाई गई। किसान नेताओं ने कहा कि महिला के खिलाफ दर्ज मुकदमे को लेकर भी संगठन लंबे समय से अधिकारियों के सामने अपनी बात रख रहा है। इसी मुद्दे को लेकर बुधवार को किसानों ने प्रशासन के सामने अपनी मांग दोहराई। धरने को लेकर पुलिस-प्रशासन अलर्ट l किसानों के प्रदर्शन को देखते हुए पुलिस-प्रशासन पूरी तरह अलर्ट रहा। मौके पर भारी पुलिस बल तैनात किया गया। नरसेना थाना प्रभारी की मौजूदगी में स्थिति पर नजर रखी गई। अधिकारियों ने प्रदर्शन कर रहे किसानों से बातचीत कर मामले को शांतिपूर्ण तरीके से सुलझाने का प्रयास किया। एसडीएम और सीओ ने संभाली वार्ता की कमान।बाद में स्याना एसडीएम और सीओ ने किसानों के प्रतिनिधियों से वार्ता की। किसानों ने एक-एक कर अपनी मांगें अधिकारियों के सामने रखीं। वार्ता के दौरान अधिकारियों की ओर से मांगों पर आवश्यक कार्रवाई का आश्वासन दिया गया।आश्वासन के बाद किसानों ने खत्म किया धरना।वार्ता में पीड़ित महिला पर दर्ज मुकदमे के संबंध में सीओ ने कार्रवाई का आश्वासन दिया। वहीं लेखपाल राघवेंद्र को स्याना तहसील से हटाने को लेकर भी किसानों को आश्वासन दिया गया। अधिकारियों की बात पर सहमति बनने के बाद किसानों ने फिलहाल अपना धरना समाप्त कर दिया।अब आश्वासन से आगे कार्रवाई की बारी lकई महीनों से चल रहे इस विवाद में धरना फिलहाल समाप्त हो गया है, लेकिन किसानों की नजर अब प्रशासन की कार्रवाई पर रहेगी। किसानों का कहना है कि वे आश्वासन के आधार पर धरना समाप्त कर रहे हैं। यदि मांगों पर समय से कार्रवाई नहीं हुई तो संगठन आगे की रणनीति तय करेगा।अब सबसे बड़ा सवाल यही है कि प्रशासन की ओर से दिए गए आश्वासन पर अमल कब तक होता है—लेखपाल को तहसील से हटाने और महिला के खिलाफ दर्ज मुकदमे के मामले में अगला कदम क्या होगा, इस पर सभी की नजरें टिकी हैं।

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