–हजारों नम आंखों ने दी अंतिम विदाई
–राजकीय सम्मान के साथ हुआ अंतिम संस्कार
बुलंदशहर। ।भारत पुष्प। शिकारपुर विधानसभा क्षेत्र से भाजपा विधायक एवं पूर्व राज्यमंत्री अनिल शर्मा का अंतिम सफर गुरुवार को उनके पैतृक गांव सुरजावली में पूरा हुआ। हजारों की संख्या में पहुंचे लोगों ने नम आंखों से अपने लोकप्रिय जनप्रतिनिधि को अंतिम विदाई दी। उनके निधन से पूरे क्षेत्र में शोक की लहर है। भाजपा विधायक अनिल शर्मा लंबे समय से बीमारी से जूझ रहे थे। वह कैंसर जैसी गंभीर बीमारी से पीड़ित थे और दिल्ली के अस्पताल में उनका उपचार चल रहा था। 2 सितंबर 2026 की सुबह करीब 11 बजे उन्होंने दिल्ली के अस्पताल में अंतिम सांस ली। उनके निधन की खबर मिलते ही बुलंदशहर और शिकारपुर क्षेत्र में शोक की लहर दौड़ गई।गुरुवार को उनके पार्थिव शरीर को अंतिम दर्शन के लिए पैतृक गांव सुरजावली लाया गया। अंतिम यात्रा में हजारों की संख्या में ग्रामीण, समर्थक, भाजपा कार्यकर्ता, जनप्रतिनिधि और क्षेत्र के लोग शामिल हुए। हर तरफ गमगीन माहौल नजर आया।

अंतिम यात्रा के दौरान लोगों की आंखें नम थीं और अपने नेता को खोने का दर्द उनके चेहरों पर साफ दिखाई दे रहा था। अनिल शर्मा का अंतिम संस्कार उनके पैतृक गांव सुरजावली स्थित उनके ही इंटर कॉलेज परिसर में किया गया। वैदिक रीति-रिवाजों के साथ उनका अंतिम संस्कार हुआ और वह पंचतत्व में विलीन हो गए। अंतिम यात्रा में डीएम, एसएसपी, मंत्री, विधायक, पूर्व विधायक, भाजपा पदाधिकारी और बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधि एवं क्षेत्रीय लोग मौजूद रहे। भाजपा के कई वरिष्ठ नेताओं और मंत्रियों ने भी अंतिम यात्रा में शामिल होकर शोकाकुल परिवार को ढांढस बंधाया और दिवंगत विधायक को श्रद्धांजलि अर्पित की। 37 साल के राजनीतिक सफर का हुआ अंत l अनिल शर्मा ने करीब 37 वर्षों तक सक्रिय राजनीति में अपनी पहचान बनाई। वर्ष 1989 में वह अपने पैतृक गांव सुरजावली के निर्विरोध ग्राम प्रधान चुने गए और लगातार दूसरी बार भी ग्राम प्रधान रहे। इसके बाद उन्होंने विधानसभा की राजनीति में कदम रखा। वर्ष 2002 में बहुजन समाज पार्टी के टिकट पर खुर्जा विधानसभा क्षेत्र से पहली बार विधायक निर्वाचित हुए। वर्ष 2007 में उन्होंने खुर्जा से दूसरी बार जीत दर्ज की। वर्ष 2012 में उन्होंने शिकारपुर विधानसभा सीट से बसपा के टिकट पर चुनाव लड़ा, हालांकि उन्हें समाजवादी पार्टी के प्रत्याशी मुकेश शर्मा के हाथों हार का सामना करना पड़ा। वर्ष 2017 में भाजपा के टिकट पर शिकारपुर विधानसभा क्षेत्र से चुनाव जीतकर उन्होंने एक बार फिर विधानसभा में वापसी की। उनकी राजनीतिक सक्रियता और संगठन में पकड़ को देखते हुए उन्हें योगी आदित्यनाथ सरकार में वन, पर्यावरण एवं जंतु उद्यान विभाग का राज्य मंत्री बनाया गया। वर्ष 2019 से 2022 तक उन्होंने राज्य मंत्री के रूप में जिम्मेदारी संभाली। वर्ष 2022 में भाजपा के टिकट पर उन्होंने शिकारपुर विधानसभा सीट से दोबारा चुनाव जीतकर 18वीं उत्तर प्रदेश विधानसभा में सदस्य के रूप में प्रवेश किया। विधानसभा की आधिकारिक प्रोफाइल के अनुसार उनका जन्म 26 जून 1963 को ग्राम सुरजावली, बुलंदशहर में हुआ था।

उनके पिता का नाम स्वर्गीय विजय कुमार शर्मा था। उन्होंने इंटरमीडिएट तक शिक्षा प्राप्त की थी और कृषि उनका व्यवसाय था।परिवार में पीछे रह गए बेटा-बेटी l अनिल शर्मा अपने पीछे परिवार में एक बेटा और एक बेटी छोड़ गए हैं। उनके निधन से परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। अंतिम संस्कार के दौरान परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल रहा। वहीं, बड़ी संख्या में पहुंचे लोगों ने परिवार को ढांढस बंधाते हुए दिवंगत विधायक को श्रद्धांजलि अर्पित की। विधायक अनिल शर्मा का अंतिम संस्कार राजकीय सम्मान के साथ किया गया। विधायक अनिल शर्मा को जिलाधिकारी कुमार हर्ष, एसएसपी दिनेश कुमार सिंह सहित प्रभारी मंत्री सुरेन्द्र सिंह दिलेर, सांसद डॉ0 भोला सिंह, सभी विधायकगणों एवं अन्य जनप्रतिनिधियों द्वारा पुष्प चक्र अर्पित कर श्रद्धांजलि दी गई। क्षेत्र में शोक की लहर अनिल शर्मा के निधन से शिकारपुर विधानसभा क्षेत्र सहित पूरे बुलंदशहर जनपद में शोक का माहौल है। लंबे राजनीतिक सफर में उन्होंने ग्राम प्रधान से लेकर विधायक और प्रदेश सरकार में राज्यमंत्री तक की जिम्मेदारी संभाली। अंतिम यात्रा में उमड़ी भीड़ ने उनके प्रति लोगों के जुड़ाव और सम्मान को जाहिर किया। 37 वर्षों के राजनीतिक सफर के बाद अनिल शर्मा का अंतिम सफर सुरजावली में समाप्त हुआ। हजारों लोगों की नम आंखों के बीच वह पंचतत्व में विलीन हो गए।
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