खुर्जा। ।भारत पुष्प। एकेपी डिग्री कॉलेज के हिंदी शोध परिषद् के तत्वावधान में पीएचडी मौखिकी परीक्षा आयोजित हुई। जिसमें डॉक्टर शशिप्रभा त्यागी के निर्देशन में शोधार्थी सुशील कुमार द्वारा *अखिलेश के कथा साहित्य में मध्यवर्गीय जीवन की अभिव्यक्ति एक विश्लेषणात्मक अध्ययन* विषय पर शोधाकार्य पूर्ण किया । कार्यक्रम का शुभारंभ विषय विशेषज्ञ प्रोफ़ेसर कृष्णा जुने रोहतक विश्वविद्यालय, प्राचार्या प्रो डिंपल विज, शोध निर्देशिका डॉ शशीप्रभा त्यागी व शोध परिषद की प्रभारी डॉ रेखा चौधरी द्वारा माँ सरस्वती के सम्मुख दीप प्रज्ज्वलित कर किया गया । शोधार्थी सुशील कुमार ने अपना शोधसार प्रस्तुत करते हुए बताया कि अखिलेश के कथा साहित्य में लोक जीवन के विविध आयामों का बखूबी चित्रण किया गया है। आपने समाज में व्याप्त मानवीय समस्याओं का यथार्थ मनोवादी अध्ययन किया है। आपने 80 के दशक में उत्पन्न समस्याओं को खास तौर पर युवाओं बुजुर्गों महिलाओं को अत्यंत गंभीरता से चित्रित किया है। उसके पश्चात विषय विशेषज्ञ प्रो कृष्ण जून ने कहा कि अखिलेश नई पीढ़ी के उभरते कलाकार हैं उनकी कहानी समकालीन जीवन की विद्रुप की कहानियां हैं। महाविद्यालय की प्राचार्या प्रो डिंपल विज ने कहा कि शोध कार्य की मौलिकता व गुणवत्ता बनाए रखने की आवश्यकता है । शोध परिषद की प्रभारी प्रोफेसर रेखा चौधरी ने कहा कि शोध कार्य ऐसा होना चाहिए जिससे कि आगे आने वाली पीढ़ियां लाभान्वित हो सकें। इस अवसर पर समस्त शोधार्थी व महाविद्यालय परिवार उपस्थित रहा।
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