सिकंद्राबाद। ।भारत पुष्प/पवन शर्मा। रामलीला में शेषनाग अवतारी लक्ष्मण ने मेघनाथ को मार कर परम धाम पहुंचा दिया जिस पर सुलोचना पति संग हुई सती हो गई। यहाँ तक की लीला मंचन किया गया। रामायण में लिखे अनुसार बताया जाता है जब भगवान श्री राम ने दूसरे दिन के युद्ध में कुंभकर्ण को मार गिराया तो लंका में खलबली मच गयी ओर आनन-फानन में लंकापति रावण ने अपने पुत्र मेघनाथ को युद्ध मैदान में उतार दिया ओर घोर युद्ध में शेषनाग अवतारी लक्ष्मण जी ने मेघनाथ को परम धाम पहुँचा दिया क्योंकि बताया जाता है की मेघनाथ को केवल वो शख्स ही मार सकता है जो अपनी पत्नी के होते हुए 14 वर्ष तक अलग रहकर जमीन पर विश्राम करता हो वो गुण केवल लक्ष्मण जी में थे इसलिए लक्ष्मण जी ने मेघनाथ को मारा था इस बात की खबर जब लंका में फैली तो तहलका मच गया ओर रावण के पैरों तले की जमीन खिसक गयी ओर बौखला गया इसके अलावा इसी खबर को सुनते ही सुलोचना भी भयभीत होकर रावण से पति का शीश लाने की गुहार लगायी तो रावण ने शीश लाने से साफ इंकार कर दिया तो सुलोचना खुद रामा दल में जाकर पति का शीश मागकर सती हो गयी यहाँ तक की लीला का मंचन आदर्श लीला मंडली वृदावन द्वारा किया गया।
इस मौके पर रामलीला समिति के प्रबंधक राहुल गुप्ता, जगदीश बजाज, लोकेश कौशल, राकेश मोहन मौनी मोजूद रहे।
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