–मुख्य विकास अधिकारी ने दिए ससमय कृषि निर्यात क्लस्टर गठन के सख्त निर्देश

बुलंदशहर। ।भारत पुष्प। मुख्य विकास अधिकारी की अध्यक्षता में ‘उत्तर प्रदेश कृषि निर्यात नीति-2019’ के अंतर्गत गठित कृषि निर्यात क्लस्टर सुविधा इकाई (CFU) की समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में ज्येष्ठ कृषि विपणन निरीक्षक द्वारा बताया गया कि बासमती धान के आवंटित 3 लक्ष्यों के सापेक्ष 3 कृषि निर्यात क्लस्टरों (पीएसजेजी एफपीओ, सात्विक बायो एनर्जी एफपीओ, एवं अल्फान्सो सयाना मैंगो वैरायटी एफपीओ) का गठन जिलाधिकारी के अनुमोदन उपरांत राज्य स्तरीय समिति द्वारा घोषित किया जा चुका है। जनपद में निर्यात संवर्धन हेतु बासमतीनेट पर 37 कृषकों तथा हार्टीनेट पोर्टल पर 31 कृषकों का पंजीकरण कराया जा चुका है। बासमती जी.आई. (भौगोलिक उपदर्शन) अधिकृत उपयोगकर्ता के रूप में कृषि विभाग द्वारा 37 किसानों के आवेदन तथा मंडी समितियों द्वारा व्यापारियों से 192 आवेदन प्राप्त कर पूर्ण कराए गए हैं। इसके अतिरिक्त ‘खुर्जा की खुरचन’ के जी.आई. पंजीयन हेतु गठित समिति का कार्य तकनीकी फैसिलिटेटर (पद्मश्री डॉ. रजनीकांत द्विवेदी) के स्तर पर अग्रिम कार्यवाही हेतु प्रक्रियाधीन है। जनपद के एफपीओ (जैसे सात्विक बायो, आयाम प्रोजेक्ट्स आदि) यूपी इंटरनेशनल ट्रेड शो, इंडसफूड, गल्फ फूड दुबई और फ्रूट लोजिस्टिका जर्मनी जैसे अंतरराष्ट्रीय मेलों में सहभागिता कर रहे हैं। साथ ही एफपीओ प्रतिनिधियों को नीयाम (NIAM) जयपुर, मैनेज (MANAGE) हैदराबाद तथा जैन इरिगेशन, जलगांव (महाराष्ट्र) में एक्स्पोज़र विजिट व निर्यात प्रशिक्षण प्रदान किया गया है। बैठक में नागर बंधु फार्मर प्रोड्यूसर कंपनी लिमिटेड एवं पुष्प रस फार्मर प्रोड्यूसर कंपनी लिमिटेड द्वारा प्रतिभाग किया गया। नागर बंधु एफपीओ के प्रतिनिधि द्वारा अवगत कराया गया कि पूर्व में क्लस्टर हेतु प्रस्तावित क्षेत्रफल में कम रह गई भूमि को जल्द पूरा कर आलू एवं मक्का दोनों का कृषि निर्यात क्लस्टर एक माह के भीतर तैयार करके विभाग को प्रेषित कर दिया जाएगा। बैठक में एपीडा (APEDA) प्रतिनिधि श्री मुकेश कुमार द्वारा एपीडा की विभिन्न वित्तीय व तकनीकी योजनाओं तथा कृषि निर्यात क्षमता संवर्धन संबंधी विषयों पर विस्तार से जानकारी दी गई। उन्होंने एफपीओ के माध्यम से कृषि निर्यात को बढ़ावा देने और निर्यातोन्मुखी उत्पादन सुनिश्चित करने की रणनीति साझा की। इसके साथ ही उपस्थित अधिकारियों व हितधारकों को HortiNet पंजीकरण, आईईसी (IEC – इम्पोर्ट एक्सपोर्ट कोड) तथा आरसीएमसी (RCMC) प्राप्त करने की संपूर्ण प्रक्रिया समझाई। उन्होंने अंतरराष्ट्रीय बाजार की मांगों के अनुरूप गुणवत्ता सुरक्षा मानक, आधुनिक पैकेजिंग तकनीक, ट्रैसेबिलिटी (Traceability) एवं अंतरराष्ट्रीय प्रमाणन (International Certification) के संबंध में विस्तृत तकनीकी मार्गदर्शन प्रदान किया। लंबित कृषि निर्यात क्लस्टरों का ससमय गठन: कृषि विभाग को मक्का व सरसों तथा उद्यान विभाग को आलू, आम एवं ताजी हरी सब्जी के आवंटित कृषि निर्यात क्लस्टर जल्द से जल्द तैयार करने के सख्त निर्देश दिए। निरंतर समन्वय एवं समीक्षा: ज्येष्ठ कृषि विपणन निरीक्षक को संबंधित विभागों के साथ निरंतर सामंजस्य स्थापित करते हुए यह समीक्षा करने के आदेश दिए कि क्लस्टर निर्माण में क्या समस्याएं आ रही हैं और क्लस्टर का निर्माण क्यों नहीं हो पा रहा है। इसे ध्यान में रखते हुए संबंधित विभागों से ससमय कृषि निर्यात क्लस्टर का निर्माण सुनिश्चित कराया जाए। बैठक में कृषि विपणन, कृषि एवं उद्यान विभाग के अधिकारी, एपीडा प्रतिनिधि तथा एफपीओ प्रतिनिधि उपस्थित रहे।

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