खुर्जा। ।भारत पुष्प। जै़निथ पब्लिक स्कूल में 30 एवं 31 अक्टूबर 2026 को शिक्षकों के व्यावसायिक विकास हेतु क्रिटिकल एंड क्रिएटिव थिंकिंग (Critical & Creative Thinking) विषय पर दो दिवसीय क्षमता संवर्धन कार्यशाला का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का आयोजन विद्यालय के निदेशक राहुल राठी एवं मैनेजर नीलम राठी के मार्गदर्शन में तथा प्रधानाचार्या गीता डैंग एवं उप-प्रधानाचार्या बबीता शर्मा की देखरेख में संपन्न हुआ। कार्यशाला में मुख्य रिसोर्स पर्सन के रूप में विपिन कुमार (मेरठ), जिन्हें गणित शिक्षण का लगभग 30 वर्षों का अनुभव है, एवं डॉ. ऋचा गर्ग(अलीगढ़)*, पीएच.डी. (मनोविज्ञान), अकादमिक कोऑर्डिनेटर एवं सीबीएसई रिसोर्स पर्सन उपस्थित रहे। दोनों विशेषज्ञों ने अत्यंत रोचक एवं प्रभावशाली तरीके से क्रिटिकल और क्रिएटिव थिंकिंग की अवधारणाओं को समझाया। कार्यशाला की विशेषता रही कि इसमें अनेक आकर्षक, मनोरंजक एवं ज्ञानवर्धक गतिविधियाँ कराई गईं। शिक्षकों ने स्वयं इन गतिविधियों में भाग लेकर अनुभव के माध्यम से सीखा। Learning by Doing अर्थात करके सीखने की इस पद्धति ने प्रशिक्षण को अत्यंत आनंददायक एवं प्रभावशाली बना दिया। डॉ. ऋचा गर्ग ने विशेष रूप से बच्चों को समझने एवं उनके साथ प्रभावी ढंग से व्यवहार करने के महत्त्व पर प्रकाश डाला।

उन्होंने बताया कि प्रत्येक बच्चे को समझने के लिए सर्वप्रथम उसका उचित अवलोकन (Observation) करना आवश्यक है। उसकी सीखने की क्षमता, व्यवहार एवं कठिनाइयों को समझकर व्यक्तिगत रूप से मार्गदर्शन देना चाहिए। यदि इसके बाद भी बच्चे की समस्या बनी रहती है, तो अभिभावकों से संवाद स्थापित कर उन्हें विद्यालय बुलाना चाहिए तथा आवश्यकता के अनुसार बच्चे एवं अभिभावकों की काउंसलिंग करनी चाहिए। उन्होंने समझाया कि एक अच्छे शिक्षक की भूमिका केवल पढ़ाने तक सीमित नहीं होती, बल्कि प्रत्येक बच्चे को समझना, उसकी समस्याओं को पहचानना और उसे सही दिशा देना भी उतना ही आवश्यक है। दो दिवसीय यह कार्यशाला सभी शिक्षकों के लिए अत्यंत ज्ञानवर्धक, प्रेरणादायक एवं यादगार रही। दोनों रिसोर्स पर्सन्स ने अपने अनुभव, सरल व्याख्या एवं गतिविधि-आधारित शिक्षण के माध्यम से शिक्षकों को अनेक नई शिक्षण तकनीकों से परिचित कराया।
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