सिकंद्राबाद। ।भारत पुष्प/पवन शर्मा। सरकार द्वारा यूजीसी कानून बनाया जा रहा है जिसमें स्वर्ण समाज के लिए अहित बताया जा रहा है इसलिए पूरे देश मे जगह-जगह इस कानून का विरोध-प्रदर्शन किये जा रहे है। उसी क्रम में एसडीएम दीपक पाल को स्वर्ण समाज के लोगों ने यूजीसी का विरोध प्रदर्शन कर ज्ञापन सोंपा और यूजीसी को काला कानून बताते हुए कहा की केंद्र सरकार से इसे जल्द से जल्द वापस ले वरना उग्र प्रद्रर्शन किया जाएगा। जिसकी जिम्मेदारी शासन और प्रशासन की होगी। इस विरोध प्रदर्शन में शामिल हुए मोहित अग्रवाल, अवनीश गुप्ता, संतोष शर्मा, राघव, आदि ने बताया कि जनवरी माह में केंद्र सरकार ने कॉलेजों और विश्वविद्यालयों में यूजीसी लागू किया था जो यह कानून पूरी तरह भाजपा की स्वर्ण विरोध नीति को उजागर करता है। क्योंकि जिस तरह फर्जी एससी और एसटी एक्ट लगवाया जा रहा है, उसी तरह यूजीसी भी स्वर्ण समाज के बच्चों के भविष्य के लिए खतरा पैदा करता है इसलिए कानून में स्वर्ण समाज के छात्रों को कोई अपील करने का प्रावधान नहीं है। इस कानून का सहारा लेकर रंजिशन झूठे मामले में फंसाने की घटनाओं में इजाफा होगा। साथ ही झूठी शिकायत करने वालों के लिए भी सजा का प्रावधान नहीं है। ऐसे में झूठी शिकायत कर स्वर्ण समाज के बच्चों के कैरियर को बर्बाद करने से इनकार नहीं किया जा सकता है। साथ ही पढ़ाई के दौरान छात्रों में और अधिक जातिवाद पैदा होगा और बताया की यूजीसी कानून लगने की वजह से एक—दूसरे के करीब आने से भी डर की वजह से परहेज करने लगेगा। इस विरोध प्रदर्शन में प्रदीप शर्मा, मोहित अग्रवाल, अवनीश गुप्ता, राजीव राघव, भुनेश दिवेदी, घनश्याम पंडित, धर्मेंद्र शर्मा, विनोद गौड, रेखा भाटी, सनोज शर्मा, विनोद राघव, ऋषभ शर्मा नवनीत शुक्ल आदि मौजूद रहै।
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