–जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान (DIET) में 05 से 10 अक्टूबर 2026 तक दो चरणों/बैचों में आयोजित होगा जनगणना प्रशिक्षण
बुलन्दशहर। ।भारत पुष्प। भारत सरकार के महारजिस्ट्रार एवं जनगणना आयुक्त कार्यालय के तत्वावधान में ‘भारत की जनगणना-2027’ के द्वितीय चरण (जनसंख्या की गणना) को शुचितापूर्ण, सुव्यवस्थित एवं समयबद्ध तरीके से सम्पन्न कराने के उद्देश्य से जनपद बुलन्दशहर में जिला स्तरीय फील्ड ट्रेनर्स (FT) हेतु त्रिदिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम का शुभारंभ सोमवार को जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान (DIET), बुलन्दशहर में किया गया। यह प्रशिक्षण कार्यक्रम दिनांक 05 अक्टूबर 2026 से 10 अक्टूबर 2026 तक विभिन्न बैचों में संचालित किया जाएगा, जिसमें 32-32 के दो बैचों में कुल 64 फील्ड ट्रेनर्स एवं अन्य प्रशासनिक कार्मिक प्रतिभाग कर रहे हैं। कार्यक्रम की रूपरेखा जिलाधिकारी/प्रमुख जनगणना अधिकारी कुमार हर्ष, मुख्य विकास अधिकारी/अपर प्रमुख जनगणना अधिकारी निशा तथा अपर जिलाधिकारी (वि०/रा०) / जिला जनगणना अधिकारी अभिषेक कुमार सिंह के मार्गदर्शन में तैयार की गई है। कार्यक्रम का शुभारंभ जिलाधिकारी कुमार हर्ष द्वारा फीता काटकर किया गया । प्रशिक्षण सत्र के दौरान मास्टर ट्रेनर्स द्वारा फील्ड ट्रेनर्स को जनगणना कार्य के उद्देश्य, प्रगणकों एवं पर्यवेक्षकों के दायित्वों तथा क्षेत्रीय स्तर पर आने वाली व्यावहारिक चुनौतियों से अवगत कराया गया। जनगणना के सफल एवं त्रुटिरहित संचालन हेतु प्रगणकों व पर्यवेक्षकों की महत्वपूर्ण भूमिका को रेखांकित करते हुए स्पष्ट किया गया कि फील्ड ट्रेनर्स इस पूरी प्रक्रिया की मुख्य कड़ी हैं, जो आगे चलकर धरातल पर कार्य करने वाले कार्मिकों को प्रशिक्षित करेंगे। प्रशिक्षण में प्रत्येक परिवार व आवास के सटीक सत्यापन, सूचनाओं के सही अभिलेखन तथा गणना कार्य के दौरान बरती जाने वाली आवश्यक सावधानियों की विस्तृत जानकारी दी गई। सत्र में तकनीकी पहलुओं पर प्रकाश डालते हुए जनसंख्या गणना से संबंधित निर्धारित 40 प्रश्नों की विषय-वस्तु, प्रत्येक प्रश्न का मंतव्य तथा नागरिक से जानकारी प्राप्त करने की सही प्रक्रिया पर बिंदुवार चर्चा की गई। इस बार जनगणना कार्य को पूर्णतः आधुनिक एवं पारदर्शी बनाने के उद्देश्य से विकसित डिजिटल तकनीक व मोबाइल एप्लीकेशन के संचालन का सजीव व व्यावहारिक अभ्यास भी कराया जा रहा है। प्रतिभागियों को डेटा संकलन, तत्काल सत्यापन, मोबाइल ऐप के विभिन्न टूल्स तथा संकलित सूचनाओं की पूर्ण गोपनीयता व शत-प्रतिशत शुद्धता बनाए रखने के कड़े निर्देश दिए गए। प्रशिक्षण कार्यक्रम में नोडल अधिकारी के रूप में शुभम यादव (उपजिलाधिकारी न्यायिक, डिबाई) एवं सहायक नोडल अधिकारी के रूप में अखिल गोयल (तहसीलदार सदर, बुलन्दशहर) उपस्थित रहे। इनके साथ ही पर्यवेक्षणीय अधिकारी के दायित्व में रविन्द्र कुमार (उपजिलाधिकारी, सिकन्द्राबाद), प्रतीक्षा पाण्डे (उपजिलाधिकारी, शिकारपुर), सतेन्द्र सिंह (उपजिलाधिकारी, खुर्जा) एवं रविकान्त चौबे (उपजिलाधिकारी, डिबाई) सम्मिलित हुए। वहीं सहायक पर्यवेक्षणीय अधिकारी के दायित्व हेतु गौरव विश्नोई (तहसीलदार, शिकारपुर), संजय कुमार (तहसीलदार, सिकन्द्राबाद), सरिता (तहसीलदार, डिबाई), जतिन गोस्वामी (तहसीलदार, खुर्जा), अनवर हुसैन (अधिशासी अधिकारी, खुर्जा), अश्वनी कुमार (अधिशासी अधिकारी, सदर), अरविन्द मिश्र (अधिशासी अधिकारी, डिबाई छतारी), नीतू देवी (अधिशासी अधिकारी, शिकारपुर / पहासू), अमन गुप्ता (खण्ड शिक्षा अधिकारी, शिकारपुर), अनिल कुमार गुप्ता (खण्ड शिक्षा अधिकारी, पहासू खुर्जा), श्याम कुमार (खण्ड शिक्षा अधिकारी, अरनिया) तथा हेमलता (खण्ड शिक्षा अधिकारी, डिबाई/दानपुर) उपस्थित रहे। उपस्थित अधिकारियों ने सभी प्रशिक्षणार्थियों को निर्देशित किया कि क्षेत्र में शत-प्रतिशत कवरेज सुनिश्चित किया जाए और कोई भी पात्र परिवार अथवा आवास गणना से वंचित न रहे। फील्ड स्तर पर किसी भी तकनीकी समस्या अथवा संशय की स्थिति उत्पन्न होने पर उच्चाधिकारियों एवं तकनीकी टीम से तत्काल समन्वय स्थापित कर समाधान निकालने के निर्देश दिए गए। जिला प्रशासन द्वारा रेखांकित किया गया कि जनगणना केवल नागरिकों की संख्या गिनने का कार्य नहीं है, बल्कि यह देश के सामाजिक, आर्थिक और विकासात्मक नियोजन की आधारशिला है। जनगणना से प्राप्त प्रामाणिक आंकड़ों के आधार पर ही आगामी दशकों के लिए जनकल्याणकारी नीतियों, शिक्षा, स्वास्थ्य, बुनियादी ढांचे व संसाधनों के समुचित वितरण की नीतियां तैयार की जाती हैं। अतः सभी कार्मिक पूर्ण निष्ठा, ईमानदारी एवं संवेदनशीलता के साथ अपने दायित्वों का निर्वहन करें।
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