खुर्जा। ।भारत पुष्प। सोमवार को ज़ैनिथ पब्लिक स्कूल में हिंदी दिवस एवं गणेश चतुर्थी के पावन अवसर पर विशेष कार्यक्रम का आयोजन हर्षोल्लास, उमंग एवं अनुशासन के साथ किया गया। विद्यार्थियों ने अपनी प्रतिभा, रचनात्मकता एवं उत्साह से कार्यक्रम को यादगार बना दिया। कार्यक्रम का आयोजन विद्यालय के निदेशक राहुल राठी एवं मैनेजर नीलम राठी के कुशल निर्देशन एवं मार्गदर्शन में किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ श्री गणेश जी एवं माँ सरस्वती के समक्ष दीप प्रज्वलित कर, माल्यार्पण एवं पूजन के साथ किया गया। कार्यक्रम को सफल एवं व्यवस्थित बनाने में प्रधानाचार्या गीता डैंग एवं उप-प्रधानाचार्या बबीता शर्मा की महत्वपूर्ण भूमिका रही। उनकी देखरेख में सभी गतिविधियाँ अनुशासन एवं सुचारु रूप से संपन्न हुईं। कक्षा 1 से 5 तक के विद्यार्थियों ने कवि सम्मेलन में उत्साहपूर्वक प्रतिभाग किया।

नन्हे-मुन्ने बच्चों ने सुंदर एवं मनमोहक कविताएँ प्रस्तुत कर सभी का मन मोह लिया। उनकी आत्मविश्वासपूर्ण प्रस्तुतियों पर तालियों की गड़गड़ाहट से विद्यालय परिसर गूंज उठा। कक्षा 6 से 10 तक के विद्यार्थियों ने “हिंदी दिवस क्यों मनाया जाता है?” एवं “गणेश चतुर्थी क्यों मनाई जाती है?” विषयों पर लेख तैयार किए तथा आकर्षक चित्र, ड्रॉइंग एवं रचनात्मक सामग्री के माध्यम से हिंदी भाषा तथा गणेश चतुर्थी के धार्मिक एवं सांस्कृतिक महत्व को प्रस्तुत किया। इस अवसर पर प्रधानाचार्या गीता डैंग ने विद्यार्थियों को हिंदी भाषा के प्रति प्रेम एवं सम्मान बनाए रखने तथा भारतीय संस्कृति एवं परंपराओं से जुड़े रहने के लिए प्रेरित किया। उप-प्रधानाचार्या बबीता शर्मा ने भी दोनों पर्वों के महत्व पर प्रकाश डालते हुए विद्यार्थियों को अपनी मातृभाषा, संस्कृति एवं परंपराओं का सम्मान करने का संदेश दिया। कार्यक्रम को मनोरंजक बनाने के लिए डांस टीचर द्वारा विशेष नृत्य प्रस्तुति दी गई। इसके पश्चात विद्यार्थियों ने उनके नृत्य स्टेप्स का अनुसरण करते हुए उत्साहपूर्वक सामूहिक नृत्य किया। बच्चों की शानदार सहभागिता एवं उत्साह से विद्यालय परिसर का वातावरण उल्लासमय हो गया। कार्यक्रम में विद्यार्थियों ने अनुशासन, आत्मविश्वास, रचनात्मकता एवं प्रतिभा का शानदार परिचय दिया। हिंदी भाषा के सम्मान, भारतीय संस्कृति एवं परंपराओं के प्रति जागरूकता तथा विद्यार्थियों की प्रतिभा को मंच प्रदान करने के उद्देश्य से आयोजित यह कार्यक्रम ज्ञानवर्धक, मनोरंजक एवं सफल रहा। कार्यक्रम की सफलता में समस्त शिक्षक-शिक्षिकाओं का भी महत्वपूर्ण सहयोग रहा।
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