खुर्जा। ।भारत पुष्प। सोमवार को श्रीमती सावित्री देवी लक्ष्मी चंद सरस्वती विद्या मंदिर सीनियर सेकेंडरी स्कूल में हिंदी दिवस मनाया गया। विद्यालय के उप प्रधानाचार्य जय भगवान शर्मा ने हिंदी दिवस पर अपने विचार प्रस्तुत हुए करते हुए कहा हिंदी दिवस: हमारी संस्कृति, सम्मान और स्वाभिमान का प्रतीक है। हर साल 14 सितंबर को पूरा देश बड़े उत्साह और गर्व के साथ ‘हिंदी दिवस’ मनाता है। यह दिन केवल एक भाषा का उत्सव नहीं है, बल्कि भारत की सांस्कृतिक धरोहर, भाषाई विविधता और हमारी राष्ट्रीय पहचान को सम्मान देने का अवसर है। 14 सितंबर 1949 को भारत की संविधान सभा ने हिंदी (देवनागरी लिपि) को राजभाषा के रूप में स्वीकार किया था, और इसी ऐतिहासिक निर्णय की याद में 1953 से हर वर्ष यह दिवस मनाया जाता है। हिंदी सिर्फ संवाद का माध्यम नहीं, बल्कि करोड़ों दिलों को जोड़ने वाली एक ऐसी डोर है जो विविधता में एकता के भारतीय संकल्प को साकार करती है। सरलता, सहजता और अपनापन इसकी सबसे बड़ी ताकत हैं। विश्व स्तर पर भी हिंदी ने एक मजबूत पहचान बनाई है, और आज यह दुनिया में सबसे अधिक बोली जाने वाली भाषाओं में से एक है। डिजिटल युग में इंटरनेट और सोशल मीडिया पर हिंदी की बढ़ती लोकप्रियता यह दर्शाती है कि यह आधुनिकता के साथ कदम से कदम मिलाकर आगे बढ़ रही है। आइए, इस हिंदी दिवस पर हम सब यह संकल्प लें कि अपनी मातृभाषा और राजभाषा का आदर करेंगे, इसे दैनिक जीवन और कार्यक्षेत्र में गर्व से अपनाएंगे और इसके संवर्धन में अपना योगदान देंगे।
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