खुर्जा। ।भारत पुष्प। श्री जय शिव निष्काम सेवा मंडल, रजिस्टर्ड के तत्वावधान में 31 वें वार्षिकोत्सव के उपलक्ष में संगीतमयी श्रीमद् भागवत कथा के पहले दिन गणेश वंदना के बाद कथा प्रवर आचार्य अतुल कृष्ण जी महाराज ने प्रभु नाम की अमृत वर्षा करते हुए कहा- प्रभु की कथा बड़े भाग्यशाली लोगों को सुनने के लिए मिलती है । जब ईश्वर की बहुत बड़ी कृपा होती है, तभी भागवत कथा को व्यक्ति श्रवण कर सकता है। भागवत कथा मुक्ति प्रदान करने वाली है। भागवत कथा सर्वप्रथम चार स्थानों पर कही गई ,सबसे पहले भागवत कथा नैमीशारण्य‌ में और अंतिम भागवत कथा शुक्रताल में राजा परीक्षित को सुनायी गयी। भागवत कथा रूपी अमृत को जो भी पी लेता है, वह अमर हो जाता है ।भागवत कथा वेद रूपी वृक्ष का फल है। यह फल खाया नहीं जाता, इसे पिया जाता है ।

भागवत रूपी कथा को मुख से नहीं , कानों से पिया जाता है। भागवत कथा तीनों तापों दैहिक , दैविक ,भौतिक तापों का शमन करने वाली होती है। कथा के मुख्य यजमान इंजीनियर गिरीश चंद्र गुप्ता ने अपनी पत्नी रमा गुप्ता के साथ एवं मुख्य अतिथि मुकेश कुमार मासूम,अपनी पत्नी सीमा मासूम एवं पुत्र संगीत मासूम के साथ पधार कर भागवत जी का पूजन दीप प्रज्ज्वलित कर आशीर्वाद प्राप्त किया। कथा मंडप में सैंकड़ों की संख्या में पधारे माता ,बहिन, पुरुष श्रद्धालु  श्रीमद् भागवत कथा श्रवण कर प्रभु नाम की मस्ती में झूम उठे।श्री भागवत कथा में पधारे सभी श्रद्धालुओं का मंडल के सचिव पूरन चंद शर्मा जी ने कहा आप सभी श्रद्धालुओं पर प्रभु  की अपार कृपा है, जो भगवान ने हमें भागवत कथा श्रवण करने का सौभाग्य प्राप्त कराया है। मंडल के सचिव ने बताया यह संगीतमयी भागवत कथा 30 सितंबर से प्रारंभ होकर 06 अक्टूबर तक चलेगी, तथा 0 7 अक्टूबर को सभी माता बहिनों के कलश वितरित किए जाएंगे एवं हवन यज्ञ होगा। कथा में कलश  उठाने वाली सौभाग्यशाली महिलाओं में से 21 भक्तों को टोकन निकालकर पुरस्कार वितरित किए गए।आज की कथा में मंडल के समर्पित कार्यकर्ता मंडल  अध्यक्ष विनोद खुराना, राजेश गोविल, राजकुमार गुप्ता, चारू गुलाठी, कौशल गुप्ता , राजकुमार सिंह लालाजी ,गणेश गुप्ता , योगेंद्र गुप्ता, नीलू जी, गगन अरोरा, कौशल गुप्ता , आदि भक्तों ने सेवा और सहयोग कर पुण्य लाभ प्राप्त किया।

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