शिकारपुर। ।भारत पुष्प। सनातन धर्म की रक्षा के लिए गुरु गोबिन्द सिंह जी के चार पुत्रों और असंख्य सिख योद्धाओं ने मुग़लों के अत्याचारों के विरुद्ध अनवरत संघर्ष किया, जिसके फलस्वरूप हमारा देश और धर्म की रक्षा हो सकी। राष्ट्र चेतना मिशन ने सोमवार को भी सैकड़ों स्कूली बच्चों के साथ वीर बाल दिवस मनाकर अमर शहीदों को नमन किया। राष्ट्र चेतना मिशन के 11 दिवसीय विशेष जनजागरण अभियान के तहत सोमवार को शिकारपुर के सूरजभान सरस्वती इंटर कॉलेज के विशाल सभागार में नवम गुरु तेग़ बहादुर जी के 350वें बलिदान वर्ष एवं दशम गुरु गोबिन्द सिंह जी के चार पुत्रों को समर्पित वीर बाल दिवस समारोह का आयोजन किया गया। मुख्य वक्ता राष्ट्र चेतना मिशन के अध्यक्ष हेमन्त सिंह ने कहा कि सन 1704 में औरंगज़ेब के तानाशाही और अत्याचारी शासन के दौरान चमकौर के युद्ध में गुरु गोबिन्द सिंह के 18 वर्षीय पुत्र अजीत सिंह तथा 14 वर्ष के जुझार सिंह वीरता के साथ मुग़लों से लड़ते हुए शहीद हो गए।

कुछ दिन बाद ही पंजाब के सरहिन्द क्षेत्र के नवाब वज़ीर ख़ान ने गुरुजी की माता गूजरी और दोनों छोटे बेटों 9 वर्ष के जोरावर सिंह तथा 7 वर्ष के फतेह सिंह को बंदी बनाकर भारी यातनाएँ दीं और धर्म बदलने के लिए दबाव बनाया, लेकिन फिर भी दोनों छोटे साहिबज़ादे क्रूर अत्याचारों के आगे नहीं झुके और ज़िंदा दीवार में चुनवा दिए गए। विशिष्ट अतिथि के रूप में पधारे गुरुद्वारा लाल तालाब बुलंदशहर के प्रतिनिधि सरदार प्रभजोत सिंह अजमानी ने बच्चों को वीर गाथा और धर्म रक्षा के संकल्प को अपने जीवन में उतारने की अपील की। उन्होंने कहा कि अपने देश और धर्म पर सभी को अड़िग रहना चाहिए। परिसर में मौजूद लगभग एक हज़ार विद्यार्थी और सभी शिक्षकों को बड़ी एलईडी स्क्रीन पर एनिमेशन फ़िल्म चार साहिबज़ादे प्रदर्शित की गई। सभी ने ध्यानपूर्वक फ़िल्म को देखकर इस ऐतिहासिक संग्राम और चार गुरुपुत्रों की क़ुर्बानी को बेहद भावुकता से महसूस किया। नवम गुरु तेग़ बहादुर जी की पुस्तक भी वितरित की गई। कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे विद्यालय प्रधानाचार्य धर्मवीर सिंह ने राष्ट्र चेतना मिशन की इस पहल की सराहना करते हुए धर्म रक्षा हेतु बलिदान हुए महापुरुषों के जीवन से शिक्षा लेने का आह्वान किया। कार्यक्रम संयोजक नितिन चौधरी व राष्ट्र चेतना मिशन के अध्यक्ष हेमन्त सिंह ने प्रधानाचार्य धर्मवीर सिंह तथा विशिष्ट अतिथि सरदार प्रभजोत सिंह और अवनीश अरोड़ा को भगवा अंग वस्त्र और प्रतीक चिह्न भेंट कर सम्मानित किया। कार्यक्रम में धर्मवीर सिंह, योगेश गुप्ता, मुकेश शर्मा, सरदार प्रभजोत सिंह, हेमन्त सिंह, नितिन चौधरी, आचार्य कृष्ण मिश्रा, देवेश शर्मा, अरुण राजपूत, हेमन्त गुप्ता, कैलाश चंद चौबे, शिशुपाल सिंह, अर्पित भारद्वाज, निकुंज गुप्ता, लकी पंडित आदि उपस्थित रहे।
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