–21 से 26 अप्रैल 2026 के मध्य जनपद में हीटवेव (लू) चलने की सम्भावना।
बुलंदशहर। ।भारत पुष्प। मौसम विज्ञान विभाग द्वारा 21 से 26 अप्रैल के मध्य जनपद में हीटवेव (लू) चलने की सम्भावना जताई है। जिसके लिए कहा गया कि लू-प्रकोप (हीटवेव) से बचाव के लिये टोपी, गमछा या छाते का करें प्रयोग, साथ ही शरीर में पानी की कमी से करें बचाव। रेडियो, टीवी और समाचार पत्रो के माध्यम से स्थानीय मौसम एवं तापमान की रखें जानकारी। निदेशक, भारत सरकार पृथ्वी विज्ञान मंत्रालय, भारत मौसम विज्ञान विभाग, राज्य मौसम पूर्वानुमान केन्द्र लखनऊ के मौसम पूर्वानुमान बुलेटिन से प्राप्त सूचना के अनुसार 21 से 26अप्रैल 2026 के मध्य में अन्य जनपदों के साथ-साथ जनपद बुलंदशहर में हीटवेव (लू) चलने की सम्भावना हैं। हीटवेव (लू) असामान्य रूप से उच्चतम तापमान की अवधि है, जब तापमान सामान्य तापमान से अधिक दर्ज किया जाता है। आगामी दिनां में जनपद में परिस्थितियां हीटवेव (लू) के अनुकूल बनी हुई है। उन्होंने आगे यह भी अवगत कराया है कि उच्च आद्रता तथा वायु मंडलीय परिस्थितियों के कारण उच्च तापमान लोगो को प्रतिकूल रूप से प्रभावित करता है, जिसके कारण शरीर में पानी की कमी (डिहाईड्रेशन) एवं ऐंठन की शिकायत आती है और कभी-कभी इसके कारण लोगों की मौत भी हो जाती है। शहरी क्षेत्रा में तापमान उच्चतम हो जानें से अर्बन हीट आइलैंड की स्थिति बन जाती है। हीटवेव (लू) से वृध, बच्चे, गर्भवती महिलायें, बीमार, मजदूर, गरीब, दुर्बल एवं निराश्रित लोग अधिक प्रभावित होतें है। जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण कार्यालय, बुलंदशहर हीटवेव/लू-प्रकोप से बचाव हेतु निम्न बातों की ओर ध्यान आकर्षित कराना चाहता हैः-
हीटवेव/लूप्रकोप से बचाव हेतु क्या करेंः-
1-कडी धूप में विशेष रूप से दोपहर 12 बजे से 03 बजे के बीच बाहर जाने से बचें।
2-हल्के रंग के ढीले-ढाले और सूती कपडे पहनें।
3-धूप में निकलते समय अपना सिर ढक कर रखें, कपडे, टोपी या छाता का उपयोग करें। 4-पर्याप्त और नियमित अन्तराल पर पानी पीते रहें। सफर में अपनें साथ पीने का पानी हमेशा रखें।
5-खुद को हाइड्रेट रखने के लिए ओ०आर०एस० घोल नारियल का पानी, लस्सी, चावल का पानी, नीबू का पानी, छांछ, आम का पन्ना इत्यादि घरेलू पेय पदार्थो को इस्तेमल करें।
6-रेडियो, टीवी और समाचारपत्रो के माध्यम से स्थानीय मौसम एवं तापमान की जानकारी रखें।
7-कमजोरी, चक्कर आने या बीमार महसूस होने पर तुरन्त डॉक्टर से सम्पर्क करें।
8-अपने घर को ठंडा रखे, पर्दे, शटर आदि का इस्तेमाल करें तथा रात में खिडकियां खुली रखें।
हीटवेव/लूप्रकोप से बचाव हेतु क्या न करेंः-
1-बच्चों एवं पालतू जानवरों को बिना निगरानी के पार्क की गयी कार में अकेला न छोड़ें, वाहन जल्दी गर्म होकर खतरनाक तापमान पैदा कर सकते हैं, जो बच्चों के लिये घातक हो सकती है।
2- भीषण गर्मी में दोपहर के समय अधिक श्रम वाली गतिविधियों को न करें।
3- उच्च प्रोटीन वाले भोजन से बचें और बासी भोजन न करें। 4-शराब, चाय, कॉफी और कार्बोनेटेड शीतल पेय पदार्थों का सेवन करने से बचें, क्योकि ये शरीर को निर्जलित करतें हैं। 5-दोपहर में जब दिन का तापमान अधिक हो उस दौरान खाना पकाने से बचें तथा रसोई घर को हवादार बनाये रखने के लिये खिडकी व दरवाजे खुला रखें।
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