सिकंद्राबाद। ।भारत पुष्प/पवन शर्मा। आषाढ़ मास की पूर्णिमा को सभी शिष्य यानी जिस-जिस ने गुरु बनाये है वो सभी ने अपने-अपने गुरुओं की पूजा-अर्चना, भजन कीर्तन कर गुरु की महिमा गाकर गुरु को मनाते हैं विभिन्न प्रकार से अपने गुरूओं को सम्मानित करके उनका आशीर्वाद लेते हैं।
बुद्धवार को पूरे भारत देश में गुरुपूर्णिमा का पर्व मनाया गया। उसी क्रम में गुरुद्वारा साहिब, बाबा मोहनराम मंदिर, गुलावठी रोड़ पर स्थित सत्ती वाला मंदिर के अलावा सभी जगह पर शिष्यों ने अपने-अपने गुरुओं को गुरु की महिमा कीर्तन कर गायी ओर उनको फल मिठाई, वस्त्र, दान दक्षिणा आदि देकर सम्मानित करके उनका आशीर्वाद लिया और भंडारा भी ग्रहण किया।
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