खुर्जा। ।भारत पुष्प। एकेपी डिग्री कॉलेज में संस्कृत सप्ताह के पंचम दिवस का शुभारंभ सुभाष पेन्यूली, ऊषा देवी, नीलू सिंह तथा महाविद्यालय की प्राचार्या प्रो डिम्पल विज ने संयुक्त रूप से दीप प्रज्ज्वलित कर किया। बीए तृतीय वर्ष की छात्रा मधु सैनी, मीनाक्षी, अंजलि ने ऋग्वेद की पावन ऋचाओं का गायनकर मां सरस्वती के चरणों में पुष्पांजलि अर्पित की। कार्यक्रम की संयोजिका डॉ मनु आर्या ने बताया कि महाविद्यालयीय प्रतियोगिताओं के क्रम में मंत्रोच्चारण, संस्कृत विज्ञापन निर्माण तथा संस्कृत कथा श्रावण प्रतियोगिताएं आयोजित हुईं। एनआरईसी  कालेज से समागत सुभाष पेन्यूली ने कहा कि वेद विश्व की प्राचीनतम रचनाएं हैं जो कि संस्कृत भाषा में विद्यमान में हैं। वेद भारतीय दर्शन, अध्यात्म तथा ज्ञान विज्ञान के जनक, प्रेरक व मार्गदर्शक प्रमाणिक ग्रन्थ हैं। आपने कहा कि भारतीय संस्कृति में चातुर्मास का विशेष महत्व है, श्रावण मास का नाम इसी कारण है क्योंकि वेद को श्रुति कहते हैं इस महीने में नवीन प्रविष्ट बालक व बालिकाओं का वेद पढ़ने का क्रम शुरू होता था तथा आज भी समाज में जगह जगह वेद कथा का आयोजन किया जाता है। एकेपी इन्टर कालेज से समागत श्रीमती ऊषा देवी ने विज्ञापन के प्रकार तथा विज्ञापन निर्माण में ध्यातव्य बिन्दुओं पर चर्चा की। महाविद्यालय की प्राचार्या प्रो डिम्पल विज ने कहा कि संस्कृत सप्ताह का उद्देश्य संस्कृत के प्रति जनमानस में जागरूकता लाना है। महाविद्यालय में आयोजित होने वाली प्रतियोगिताएं छात्राओं के श्रवण, भाषण तथा लेखन कौशल को बढाने के साथ ही संस्कृत को दैनिक जीवन में प्रयोग करने के लिए प्रेरित करती हैं। आज की प्रतियोगिताओं में श्री सुभाष पेन्यूली असिस्टेंट प्रो एन आर सी कालेज खुर्जा तथा श्रीमती ऊषा देवी लेक्चरर एकेपी इन्टर कॉलेज ने निर्णायक की भूमिका का निर्वहन किया। मंत्रोच्चारण प्रतियोगिता में  मधु सैनी प्रथम स्थान, बुलबुल सोलंकी द्वितीय स्थान, मीनाक्षी तृतीय स्थान पर रहीं। संस्कृत कथा श्रावण में मधु सैनी प्रथम, बुलबुल सोलंकी द्वितीय तथा हिना तृतीय स्थान पर रहीं। संस्कृत विज्ञापन निर्माण में उपासना प्रथम स्थान, बुलबुल सोलंकी द्वितीय स्थान तथा नाजरीन तृतीय स्थान प्राप्त किया। इस अवसर पर समस्त महाविद्यालय परिवार उपस्थित रहा।

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