सिकंद्राबाद। ।भारत पुष्प/पवन शर्मा। आजकल इस कलयुग में जैसे-जैसे कलिकाल महाराज का प्रकोप बढ़ता जा रहा है वैसे-वैसे धर्मप्रेमी जगह जगह धार्मिक कार्यक्रम कराते रहते हैं ताकी जनमानस इधर उधर ना भटके ओर गलत रास्ता छोड़कर सही रास्ते पर चलता रहे ओर सूत्रों व शास्त्रों का दावा है।
इस कलयुग में उन सभी धार्मिक कार्यक्रमों में एक सर्वश्रेष्ठ धार्मिक आयोजन श्रीमद् भागवत कथा का रसास्वादन करना कराना बताया गया है और बताया जाता है की श्रीमद् भागवत कथा में सभी पुराणों की कथाओं जोडा़ गया है इसलिए सबसे उत्तम श्रीमद् भागवत कथा का रसास्वादन करना कराना बताया गया है। इसलिए जगह जगह श्रीमद् भागवत कथा का आयोजन होता रहता है। उसी क्रम में मुहल्ला कायस्थबाडा़ में चल रही श्रीमद् भागवत कथा के तृतीय दिवस में ध्रुव भक्त की कथा का रसास्वादन सरस कथावाचक ब्रजमोहन शास्त्री व उनके पुत्र सत्यम व शिवम् ने बड़े ही सुंदर व सादगी से कराया। सभी भक्तो ने इस इन कथाओं का रसास्वादन कर प्रसाद ग्रहण किया।
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