खुर्जा। ।भारत पुष्प। श्री रामलीला कमेटी के तत्वाधान में जंक्शन रोड स्थित रामलीला मैदान में जयंत की लीला एवं लंकेश की बहन सुपर्खा की नाक काटने का सुंदर चित्रण किया गया l आरंभ में जयंत नामक कौवा आकाश में  पहुंचा तथा माता जानकी को देख कर उनके ऊपर मंडराने लगा तथा, उन्हें परेशान करने लगा l इसे देखकर प्रभु राम ने एक ऐसा तीर चलाया ,जिससे जयंत वहां से भागता हुआ अपने प्राणों की रक्षा की गुहार करने लगा l लेकिन कोई भी उसकी सहायता को आगे नहीं आया l जयंत अपने प्राणों की रक्षा करने के लिए महर्षि नारद जी के शरण में गया तथा अपने प्राणों की रक्षा करने के लिए गुहार करने लगा  l नारद जी ने सारा वृत्तांत सुनने के बाद कहां कि वह तो स्वयं हरि हैं, आपको उन्हीं की शरण में जाकर अपनी प्राणों की भीख मांगनी पड़ेगी l यह सुनकर जयंत वापस प्रभु श्री राम के शरण में आया तथा अपनी गलतियों की क्षमता मांगते हुए अपने प्राणों की भीख मांगने लगा l दयालु प्रभु राम ने इसके बाद अपने बाणों से उसकी एक आंख भेद कर प्राण दान दिया l यह देखकर उपस्थित समूह जय श्री राम के नारे लगाने लगा l इसी दौरान लंकेश रावण की बहन सुपर्खा विचरण कर रही थी l वन में वह प्रभु श्री राम जी को देखकर मोहित हो गई तथा उसने सुंदर सुकुमारी का रूप धारण कर प्रभु राम के पास जाकर शादी का प्रस्ताव रखा l मर्यादा पुरुषोत्तम श्री रामचंद्र जी ने माता सीता की ओर इशारा कर अपने विवाहित होने का कारण बताया तथा सुपर्खा का प्रस्ताव विनम्रता पूर्वक अस्वीकार कर दिया तथा अपने अनुज सुकुमार लक्ष्मण की और इशारा किया l लंकेश की बहन सुपर्खा ने लक्षण जी को  देखकर उनसे विवाह का अनुरोध किया l यति लक्ष्मण जी ने भी लंकेश की बहन का विवाह प्रस्ताव अस्वीकार कर दिया l बार-बार सुपर्खा द्वारा श्री रामचंद्र जी एवं लक्ष्मण जी के पास जाने से तथा उनके द्वारा   अस्वीकार करने पर क्रोध में आ गई तथा अपने वास्तविक राक्षसी रूप में आ गई l क्रोध एवं अपमान से वह माता सीता जी पर झपटी, जिससे प्रभु श्री रामचंद्र जी ने नाराज होकर उसे उन्हें लक्ष्मण के पास भेजा तथा लक्ष्मण जी को सुपर्खा के नाक कान काटने का इशारा किया l यति लक्ष्मण जी ने प्रभु का इशारा पाकर सुपर्खा के नाक कान काट लिए l जिस पर सुपर्खा क्रोध एवं अपमान से अपने भाई लंकेश को सारा वृत्तांत बताया l जिससे लंकेश रावण आग बबूला हो गया l इस अवसर पर श्री रामलीला कमेटी के प्रधान पुनीत साहनी, महामंत्री सचित गोविल, जनरल मैनेजर दीपक गर्ग, कोषाध्यक्ष सचिन बंसल, रामलीला के पूर्व अध्यक्ष नवीन कुमार एडवोकेट, विशाल वाधवा, मीडिया इंचार्ज चंद्रप्रकाश तायल, उमाशंकर अग्रवाल, राजीव वर्मा, महेश भार्गव, विकास वर्मा, अरुण गुप्ता, आशीष गोयल, डीसी गुप्ता, दीपक बाटला, देवेंद्र आर्य,  रवि अग्रवाल सहित बड़ी संख्या में श्रद्धालु एवं सदस्य उपस्थित रहे।

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