खुर्जा। ।भारत पुष्प। नगर के प्रसिद्ध श्री नवदुर्गा शक्ति मंदिर पर चल रहे श्री आश्विन नवरात्रि महोत्सव के तृतीय दिन माता रानी की पूजा अर्चना चन्द्रघंटा के रूप में की गई। मातारानी को गुलाबी रंग की पोषाक धारण कराकर उन्हें दूध का भोग लगाया गया। मातारानी का वाहन चीता बताया गया। मंदिर कमैटी के मंदिर पुजारी राजकुमार भारद्वाज ने बताया कि पूर्व अध्यक्ष महेश भार्गव ने बताया कि मंदिर में मातारानी के साथ हनुमान जी व भैंरों साथ में है। मातारानी कमल के फूल पर विराजमान हैं। मातारानी के नौ वाहन मातारानी के नौ रूपों को दर्शाते हैं। जिनकी लगाम श्री गणेश के हाथों में है। मंदिर पुजारी राजकुमार भारद्वाज ने बताया कि माँ दुर्गाजी की तीसरी शक्ति का नाम चंद्रघंटा है। नवरात्रि उपासना में तीसरे दिन की पूजा का अत्यधिक महत्व है और इस दिन इन्हीं के विग्रह का पूजन-आराधन किया जाता है। इस दिन साधक का मन ‘मणिपूर’ चक्र में प्रविष्ट होता है। लोकवेद के अनुसार माँ चंद्रघंटा की कृपा से अलौकिक वस्तुओं के दर्शन होते हैं, दिव्य सुगंधियों का अनुभव होता है तथा विविध प्रकार की दिव्य ध्वनियाँ सुनाई देती हैं। ये क्षण साधक के लिए अत्यंत सावधान रहने के होते हैं। मंदिर व्यवस्थाओं में प्रधान संजय वर्मा आजीवन सचिव रोहित अग्रवाल कोषाध्यक्ष अजय गर्ग एडवोकेट निमिष कुमार गर्ग एडवोकेट त्रिलोकचंद गौड सजल वर्मा अनिमेष गुप्ता गोपाल सर्राफ राजकुमार गिरी धर्मेंद्र सिंह डॉ० शलभ शर्मा शेखर वर्मा प्रमोद भारद्वाज एडवोकेट आदि मौजूद रहे।
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