सिकंद्राबाद। ।भारत पुष्प/पवन शर्मा। भारत देश में सनातन धर्म को बचाने व राक्षसों का वध करके आमजन को धर्म कर्म कर सही रास्ता दिखाने हेतू समय-समय पर अवतारों ने इस पृथ्वी पर अवतार लिया है ओर इसके अलावा ऋषि मुनियों ने भी आमजन को कथा कीर्तन सुनाकर व उपदेश देकर सही रास्ते पर चलने की प्रेरणा दी ओर अब इस कलयुग में समय-समय पर कथा वाचक विभिन्न पुराणो, गंथों की कथाओं के सार को सुनाकर समझाकर आमजन को सही रास्ता दिखाने की कोशिश करते रहते हैं। इसी प्रकार की एक कथा महाशिवपुराण कथा नगर सिकन्दराबाद के रामलीला मैदान में चल रही है इस कथा का रसास्वादन शंशाक कौशल जी महाराज करा रहे हैं इसी बीच महाराज जी ने एक प्रैस वार्ता कर लोगों से अपनी की है की अपने धर्म पर डटकर कर्म करते रहो ओर जो कुछ भ्रांतियां लोगों के मन में चली आ रही है उनको दूर करने का प्रयास महाराज जी ने किया जैसे – महिलाओं को शिवलिंग को छूकर पूजा करना निषेध नहीं है मगर शिवलिंग से लिपटकर नहीं करना चाहिए ओर दूसरा मत यह रहा की लाल फूल व लाल वस्त्र शिव को चढा़ने के कोई पाप नहीं है। इसके अलावा बताया की शिवलिंग पर जल में गंगाजल मिलाकर चढा़ने से अधिक फल मिलेगा ओर अगर गंगाजल उपलब्ध नहीं है तो भी फल मिलेगा। बताया की 33 करोड़ देवी देवता है यह बात सत्य है मगर भगवान एक है। एक महत्वपूर्ण बात बतायी गयी की कथा व्यास गद्दी पर बैठकर ब्रह्मामण के अलावा अन्य वर्ण जाती का महापुरुष भी कथा सुना सकता है मगर अनुष्ठान के लिए सर्वोपरि ब्रह्मामण ही है। इसके अलावा बताया की सनातन धर्म में सभी अवतारों ने हाथों में हथियार धारण किये हुए हैं यह आमजन को कया संदेश देता तो महाराज ने बताया की जब विधर्मी अपने धर्म से हटकर अत्याचार करे ओर मुसीबत आये तो उस समय दुश्मन पर शस्त्र उठाना पाप नहीं है डटकर मुकाबला करना चाहिए ओर अपने धर्म को हर कीमत पर बचाना चाहिए। इसलिए हर एक देवी देवता ने शस्त्र धारण कर रखे हैं।
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