खुर्जा। ।भारत पुष्प। नगर के प्रसिद्ध श्री नवदुर्गा शक्ति मंदिर पर चल रहे श्री चैत्र मास नवरात्रि महोत्सव में गुरुवार को मातारानी को हरे रंग की पोषाक धारण कराकर मां कात्यायिनी के रूप में पूजा अर्चना करते हुए उन्हें शहद का भोग लगाया गया। मंदिर पुजारी सुरेश ओझा ने बताया कि भगवती पराम्बा की उपासना करते हुए बहुत वर्षों तक बड़ी कठिन तपस्या की थी। उनकी इच्छा थी शक्ति-स्वरूपा मां भगवती उनके घर पुत्री के रूप में जन्म लें। मां भगवती ने उनकी यह प्रार्थना स्वीकार कर ली और उन्होंने महर्षि कात्यायन की पुत्री के रूप जन्म लिया और कात्यायनी कहलाईं।
मंदिर के पूर्व प्रधान अनिल महाराजा ने बताया कि मंदिर के गर्भ ग्रह में हनुमान जी का छोटा रूप विराजमान है जहां प्रत्येक मंगलवार को हनुमान जी को चोला चढाया जाता है। साथ ही में क्षीरसागर में शेषशैयया पर भगवान विष्णु विराजमान हैं। उनके नाभि कमल से ब्रहमा जी निकल रहे हैं और माता लक्ष्मी उनके चरण दबा रही हैं। इसी के साथ संतोषी माता का भी विग्रह स्थापित है। मंदिर व्यवस्थाओं में प्रधान देवेश कौशिक आजीवन सचिव रोहित अग्रवाल कोषाध्यक्ष अजय गर्ग एडवोकेट प्रेमप्रकाश अरोरा विजय कुमार गर्ग दीपक गोविल सचिव गोविल रवि शंकर अग्रवाल डीसी गुप्ता डॉ शशि प्रभात त्यागी त्रिलोकी भार्गव मोरध्वज वार्ष्णेय श्याम नारायण गर्ग भूत दत्त शर्मा हर्षुल गर्ग आदि मौजूद रहे।
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