सिकंद्राबाद। ।भारत पुष्प/पवन शर्मा। हमारे भारत देश में सनातन धर्म व मान्यता के अनुसार जब किसी के बच्चों को फलक, माता, फुंसी-फोड़े निकलते है तो श्रद्धालु माता के नाम आशीष उठावना निकालकर रख देते है और यह कामना करते है की हमारे बच्चे सही सलामत हो जाए हम तेरे दरबार में आकर पूजा अर्चना करेंगें उसी क्रम में एक माता का नाम बराही वाली माता का नाम भी आता है जिसके पूजन करने से बच्चों को लगी घातक बिमारी सही हो जाती है। इस बराही माता की पूजा अर्चना साल में 2 बार की जाती है जो इस प्रकार से बतायी जाती है। पहली अप्रैल यानी बैशाख माह में ओर दूसरी अक्टूबर यानी क्वार माह में की जाती है। उसी क्रम में नगर के मंदिर श्री कृष्णतालाब पर श्रद्धालुओ ने बराही माता की पूजा अर्चना बड़े सादगी व विधीविधान से की ओर गुड़-आटा-दाल चावल, मिठाई दान कर बराही माता का आशीर्वाद लिया और उसके बाद कृष्ण तालाब का जल व मिट्टी बच्चो को लगायी ओर बच्चों की सलामती की कामना की। ओर उसके बाद महिलाओ ने व्रत खोलकर स्वादिष्ट व्यंजनों का आनंद लिया और बचचों के लिए खेल खिलोनौ की खरीददारी की।

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