-धूं धूं कर जला रावण का पुतला, अधर्म पर धर्म की हुई विजय

सिकंद्राबाद। ।भारत पुष्प/पवन शर्मा। नगर मे चल रही रामलीला के मंचन में दर्शाया की जब भगवान राम ने कुंभकर्ण का वध कर दिया तो रावण अकेला पड़ गया और सोचने लगा की मेरे वंश यानी राक्षस जाती का कोई ओर तो नही बचा जिसका भगवान के द्वारा उद्धार होने बाकी तभी उसके एक मंत्री ने बताया की महाराज आपका पुत्र अहिरावण पातालपुरी  में रह रहा है तो लंकापति ने अहिरावण को बुलाकर सबकुछ हाल बताकर भगवान राम लक्ष्मण का हरण कर देवी की भेंट चढ़ाने को भेज दिया तो अहिरावण ने विभीषण का भेष धारण कर राम लक्ष्मण को उठा ले गया और भेंट चढ़ाने की तैयारी ही रहा था तभी रात भक्त हनुमान पाताल में जा धमके और दोंनो को अहिरावण की कैद से छुड़ा कर अहिरावण संग युद्ध कर वध कर निज धाम पहुंचा दिया इस बात को सुनकर रावण बोखलागया और आनन-फानन में खुब रणक्षेत्र में कूद गया और भगवान राम व रावण का खुब जमकर युद्ध हुआ मगर अंत मे भगवान राम ने विभीषण की सहायता से रावण की नाभी में तीर मारकर अमृत सुखाकर वध कर दिया और बुराई का अंत कर दिया।

लीला का सार कथा वाचक दामोदर दास शर्मा वृंदावन वालो ने बहुत सुंदर व सरस भाषा में रसास्वादन कराया। भगवान राम की विजय होने की खुशी के अवसर पर क्षेत्रीय विधायक लक्ष्मीराज सिंह नें भगवान राम की आरती वंदन कर प्रसाद ग्रहण कर आशीर्वाद लिया। ओर कहा की बुराई का अंत जरुर होता है सच्चाई की जीत हमेशा होती है चाहे समय कितना भी लग जाये। इस मौके पर रामलीला कमैटी के प्रधान व वरिष्ठ समाजसेवी पं राकेश शर्मा, चैयरमैन सचिन शर्मा, राहुल गुप्ता, राकेश मोहन सर्राफ, जगदीश बजाज, लोकेश कोशल, अर्जुन वर्मा, अरविंद दीक्षित के अलावा सैंकड़ो भक्तगण मौजूद रहे।

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