–धू धूकर जला बुराई का प्रतीक रावण का पुतला

खुरजा। ।भारत पुष्प। श्री राम लीला कमेटी के तत्वाधान में रामलीला मैदान में विजय दशमी के पावन पर्व पर मां काली का प्रकट होना, अहिरावण लीला,श्री राम रावण युद्ध तथा रावण वध, विभीषण का राजतिलक, श्री सीताजी का आगमन तथा अग्नि परीक्षा, श्री रामसीता जी का अयोध्या को प्रस्थान का सजीव चित्रण आचार्य वेद प्रकाश के निर्देशन में किया गया।आदि शक्ति मां काली ने प्रकट होकर अपनी शक्ति का प्रदर्शन किया । लक्खी मेले में सुदूर ग्रामीण क्षेत्रों एवम नगर के श्रद्धालुओं में बीच मां काली का शक्ति प्रदर्शन रामलीला मैदान से पंचवटी होता हुआ जंक्शन रोड पर अपार जनसमूह के मध्य किया । रामा दल लंका को वानर सेना के साथ घेरे हुए है । उधर लंकेश अपनी समाप्त होती जा रही सेना  तथा कुल के लगातार विनाश के कारण अपने भाई अहिरावण के पास जाता है । अहिरावण रूप बदलने में माहिर है ।लंकेश अहिरावण से सारी व्यथा सुनाकर उससे सहायता की विनती करता है ।अहिरावण भेष बदलकर रामाद्ल में प्रवेश कर निंद्रा में लीन प्रभु श्री राम और अनुज लक्ष्मण को उठाकर पाताल लोक ले जाता है ।जानकारी होने पर हनुमानजी पाताल लोक पहुंचकर अहिरावण का काम तमाम कर दोनो भाइयों को सकुशल लौट आते हैं । अंत में रावण खुद युद्ध भूमि में निर्णायक युद्ध के लिए आता है ।

लंकेश रावण और प्रभु श्री राम के बीच भीषण युद्ध होता है । चारों दिशायें इस युद्ध को देखकर कांप उठती हैं । श्री राम द्वारा बार बार रावण के दशों शीश और बीसों भुजाएं काटने पर भी उनके पुनः आने से श्री राम चकित रह जाते हैं ।इस पर विभीषण द्वारा दशानन की नाभी में अमृत होने की जानकारी प्रभु राम को देते हैं । श्री राम एक साथ इकात्तीस वाण छोड़ते हैं ।जिससे उसके दस शीश और बीस भुजाएं कट गई और एक तीर उसकी नाभि में लगा ।जिसने उसका अमृत सोख लिया।लंकेश रावण के जीवन लीला का अंत हो जाता है ।असत्य पर सत्य की जीत होती है ।श्री राम के जयकारों से दशो दिशाएं गूंज उठती हैं ।आकाश से सभी देवता पुष्प वर्षा करते हैं ।बुराई का प्रतीक रावण का पुतला धू धू कर जल उठा।रावण का पुतला जलता देख पॉटरी नगरी खुरजा राम मय हो जाती है । श्री राम लंका में पहुंचकर विभीषण का राजतिलक कर लंका का राजपाट उन्हें सौंप देते हैं।विभीषण सम्मान के साथ अपने साथियों सहित माता जानकी को प्रभु राम को सौंप देते हैं।प्रभु श्री राम तिरकाल दृष्टा है। वो जानते है कि सीता पवित्र हैं ।लेकिन जनता में किदवंती न हो माता जानकी जी की अग्नि परीक्षा लेते हैं । माता जानकी अग्नि परीक्षा में सफल हो जाती हैं।अग्नि देव प्रकट होकर माता जानकी की पवित्रता प्रकट करते है । श्री राम चंद्र जी अपने साथियों के साथ अयोध्या प्रस्थान करते हैं। लीला मंचन के दौरान  मुख्य अतिथि  बुलंदशहर सांसद डॉक्टर भोला सिंह भी उपस्थित रहे। वही एसडीएम प्रतीक्षा पांडे, एसपी देहात डॉ. तेजवीर सिंह, सीओ पूर्णिमा सिंह, कोतवाली प्रभारी पंकज राय सुरक्षा व्यवस्था की कमान संभाले हुए थे। रामलीला मैदान में भारी सुरक्षाबल तैनात रहा। इस अवसर पर पुनीत साहनी प्रधान, दीपक गर्ग जनरल मैनेजर, सचिन बंसल कोषाध्यच्छ सचित गोविल महामंत्री,सेठ अखिलेश जटिया, विनीत आर्य सोशल मीडिया प्रभारी ,  रजत अग्रवाल प्रिंट मीडिया प्रभारी ,भारत भूषण शर्मा दशहरा इंचार्ज , कुशाग्र अग्रवाल दशहरा संयोजक, डीसी गुप्ता कांटे वाले ,भगवत पोद्दार, उमा शंकर अग्रवाल,प्रमोद वर्मा, आशीष गोयल,रवि अग्रवाल,अशोक टिम्मी,अशोक पालीवाल,अरुण बिंदा वाले,योगेश मित्तल राजेश शर्मा,चमन लाल जुनेजा सभासद,आकाश सभासद, गोलू माहोर सभासद,विशाल वाधवा,हरजीत सिंह टीटू,संजीव बंसल ,वासुदेव शर्मा,ब्रजेश प्रजापति,रमाकांत ,महेश पोद्दार,राजीव वार्ष्णेय ,डॉक्टर अनिल,अनमोल,कृष्ण गोपाल अग्रवाल,शेखर वर्मा, डी सी अग्रवाल,राजीव वर्मा पवन गुप्ता मनीष गुप्ता शिवम कालरा, अजय शर्मा,नवीन राजपूत,भारत भूषणशर्मा,देवेंद्र आर्य,महेश भार्गव, विकास वर्मा,शुभम ,ललित,विनोद पहलवान, आस्वानी खट्टर,सतीश शर्मा ,अखिलेश ,महेश चौधरी, विशाल पोद्दार, नवीन कुमार एडवोकेट सहित बड़ी संख्या में श्रद्धालु और सदस्यगण का सहयोग रहा ।

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