खुर्जा। ।भारत पुष्प। बुद्धवार को श्री गोपाल संकीर्तन मंडल के 39 वें वार्षिक उत्सव के अवसर पर वृंदावन से पधारे परम पूज्य नवल किशोर जी महाराज ने अपनी मधुर वाणी में अमृत वर्षा करते हुए, सत्संग की महिमा का वर्णन किया, उन्होंने बताया कि संपूर्ण मानव जीवन के कर्मों का फल ही होता है- सत्संग। व्यक्ति को सत्संग बड़े पुण्य कर्मों से मिलता है। सत्संग से ही ईश्वर भक्ति का मार्ग प्रशस्त होता है। संतों ने कहा है- शठ सुधरें सत संगत पाई, पारस परस कुधातु सुहाहि । सत्संगति पाकर मनुष्य के करोड़ो जन्मों के पाप नष्ट हो जाते हैं। चाहे कितना भी दुष्ट मनुष्य हो, सत्संगति पाकर वह एक सज्जन पुरुष बन जाता है। जिस प्रकार लोहा पारस के संपर्क में आने से सोना बन जाता है। उसी प्रकार सत संगति से दुर्जन व्यक्ति भी श्रेष्ठ पुरुष बन जाता है। आज दिव्य मानव कथा सत्संग के प्रथम दिन वृंदावन से पधारे परम पूज्य नवल किशोर जी महाराज नवल भैया ने दीप प्रज्वलन कर दिव्य मानव कथा का प्रारंभ किया, जिसमें मंडल के राजेश पचौरी, जगदीश चंद्र, अरुण बंसल ,अविनाश बंसल ,सौरभ बंसल ,कौशल कुमार, अजय कौशल, विनय वर्मा ,जय भगवान अग्रवाल, डा0 आरसी वर्मा मीडिया प्रभारी जय भगवान शर्मा आदि ने निष्काम सेवा कर सहयोग किया। मंडल के सचिव रमेश बंसल बताया कि मंडल का 39वां वार्षिक उत्सव 24 दिसंबर से 28 दिसंबर 2025 तक संपन्न होगा ।
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