खुर्जा। ।भारत पुष्प। अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ, खुरजा नगर द्वारा महर्षि वाल्मीकि शाखा, एनआरईसी मैदान पर विशेष योग एवं बौद्धिक कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में नगर के अनेक स्वयंसेवकों ने सहभागिता करते हुए योगाभ्यास किया तथा स्वस्थ, अनुशासित एवं राष्ट्रनिष्ठ जीवन जीने का संकल्प लिया। कार्यक्रम का शुभारंभ डॉ. सोहन पाल राणा के मार्गदर्शन में सामूहिक योगाभ्यास से हुआ। उन्होंने स्वयंसेवक बंधुओं को विभिन्न योगासन, सूर्य नमस्कार एवं प्राणायाम का अभ्यास कराया तथा योग के महत्व पर प्रकाश डालते हुए बताया कि योग केवल शरीर को स्वस्थ रखने का साधन नहीं, बल्कि मन, बुद्धि और आत्मा के संतुलन का भी माध्यम है। उन्होंने कहा कि नियमित योगाभ्यास व्यक्ति को शारीरिक रूप से सक्षम, मानसिक रूप से एकाग्र तथा जीवन के प्रति सकारात्मक दृष्टिकोण प्रदान करता है। साथ ही भारतीय संस्कृति की महानता पर प्रकाश डालते हुए कहा कि योग हमारी प्राचीन ऋषि परंपरा की अमूल्य देन है, जिसने सदियों से मानव जीवन को स्वस्थ, संतुलित एवं अनुशासित बनाने का कार्य किया है। कि योग केवल शारीरिक व्यायाम नहीं, बल्कि भारतीय संस्कृति का एक महत्वपूर्ण अंग है, जो व्यक्ति को तन, मन और आत्मा से जोड़ता है।
आज विश्वभर में योग को अपनाया जा रहा है, जो भारतीय संस्कृति के वैश्विक प्रभाव और उसकी श्रेष्ठता का प्रमाण है। इसके उपरांत आयोजित बौद्धिक सत्र में खुरजा नगर कार्यवाह सुदर्शन ने स्वयंसेवकों को संबोधित करते हुए कहा कि योग भारतीय संस्कृति का ऐसा वैज्ञानिक एवं आध्यात्मिक साधन है, जो व्यक्ति के तन, मन और बुद्धि को सुदृढ़ एवं एकाग्र बनाता है। आज सम्पूर्ण विश्व योग को अपना रहा है, क्योंकि यह मानव जीवन को स्वस्थ, संतुलित और उद्देश्यपूर्ण दिशा प्रदान करता है। उन्होंने कहा कि संघ का स्वयंसेवक केवल समाज को उपदेश देने वाला नहीं होता, बल्कि स्वयं अपने जीवन से आदर्श प्रस्तुत करने वाला होता है। यदि हम समाज से योग करने, अनुशासित रहने, सेवा कार्यों में भाग लेने अथवा राष्ट्रहित के कार्यों में आगे आने का आग्रह करते हैं, तो उसका प्रारम्भ सबसे पहले स्वयं से होना चाहिए। कार्यक्रम के अंत में सभी स्वयंसेवकों ने नियमित योगाभ्यास करने, शाखा के माध्यम से समाज जीवन में सक्रिय भूमिका निभाने तथा राष्ट्र निर्माण के कार्यों में अधिक से अधिक योगदान देने का संकल्प लिया। संघ प्रार्थना के साथ कार्यक्रम का समापन हुआ।
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