–”गलत स्पर्श पर चुप्पी तोड़ें, बिना डर के करें शिकायत” पॉक्सो के बढ़ते मामलों, ‘गुड टच-बैड टच’ व विधिक अधिकारों पर दिया गया जोर
बुलंदशहर। ।भारत पुष्प। राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण (NALSA), नई दिल्ली एवं उत्तर प्रदेश राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण, लखनऊ के दिशा-निर्देशों के क्रम में तथा माननीय जनपद न्यायाधीश / अध्यक्ष, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, बुलन्दशहर संजय सिंह के मार्गदर्शन में गांधी जयंती के उपलक्ष्य में जनपद में 25 सितम्बर से 02 अक्टूबर 2026 तक संचालित हो रहे पॉक्सो अधिनियम (POCSO Act, 2012) विशेष जागरूकता महाभियान का क्रम आज भी पूरे उत्साह के साथ जारी रहा। अभियान के अंतर्गत आज दिनांक 29 सितम्बर 2026 को न्यायालय के दैनिक कार्य समय से पूर्व प्रातः ठीक 08:00 बजे जनपद के विभिन्न विद्यालयों की प्रातःकालीन प्रार्थना सभाओं (Morning Assembly) में न्यायिक अधिकारियों की टीमों ने उपस्थित होकर छात्र-छात्राओं से आर्य कन्या इंटर कॉलेज, बुलन्दशहरः लालता प्रसाद सरस्वती विद्या मंदिर इंटर कॉलेज, बुलन्दशहरः जी.बी.एन. गर्ल्स इंटर कॉलेज, बुलन्दशहरः में सीधा विधिक संवाद स्थापित किया। इस विधिक जागरूकता सत्र में न्यायिक अधिकारीगण शिवानन्द (अपर जिला जज त्वरित न्यायालय संख्या-01), विकास चौधरी (पूर्णकालिक सचिव, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण) एवं चारू मेंहदीरत्ता (सिविल जज, जूनियर डिवीजन/एफ.टी.सी., कोर्ट संख्या-01) द्वारा विद्यार्थियों से सीधा संवाद स्थापित कर पॉक्सो कानून के विभिन्न पहलुओं की विस्तार से जानकारी दी गई। चारू मेंहदीरत्ता ने स्पष्ट किया कि पॉक्सो अधिनियम जेंडर न्यूट्रल है जो 18 वर्ष से कम आयु के लड़के एवं लड़की दोनों को समान रूप से विधिक सुरक्षा घेरा प्रदान करता है। उन्होंने विद्यार्थियों को प्रेरित करते हुए कहा कि यदि कोई भी व्यक्ति किसी भी रूप में गलत या अनुचित स्पर्श (बैड टच) करता है, अथवा सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स जैसे व्हाट्सएप, इंस्टाग्राम या स्नैपचैट के माध्यम से ऑनलाइन पीछा करता है, निजी तस्वीरें-वीडियो मांगता है या किसी प्रकार का दबाव बनाता है, तो बिल्कुल भी डरने या चुप रहने की आवश्यकता नहीं है; इसमें पीड़ित बचे की कोई गलती नहीं होती और उन्हें बिना किसी संकोच के तुरंत अपने माता-पिता, शिक्षिकाओं अथवा चाइल्ड हेल्पलाइन 1098 व पुलिस हेल्पलाइन 112 पर अवगत कराना चाहिए।
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