खुर्जा। ।भारत पुष्प। शनिवार को एकेपी डिग्री कॉलेज के मनोविज्ञान विभाग द्वारा विश्व मानसिक स्वास्थ्य दिवस के अवसर पर संगोष्ठी का आयोजन किया गया । इस वर्ष की थीम सच्ची आवाज़ें, वास्तविक बदलाव” रही। छात्राओं ने तनाव को कम करने तथा मानसिक स्वास्थ्य जागरूकता पर सुंदर-सुंदर पोस्टर बनाए। तथा अपने विचार भी प्रस्तुत किया। डॉ गीता सिंह ने कहा कि आज के वैश्विक युग में मानसिक स्वास्थ्य में एक चुनौती है लेकिन सूझबूझ और स्वयं में असली बदलाव करके हम इसे प्राप्त कर सकते हैं। डिजिटल डिटॉक्स, संबंधों में सुधार, योगा और व्यायाम, उचित खानपान के द्वारा मानसिक स्वास्थ्य की रक्षा की जा सकती है। छात्र सोनिया के द्वारा मानसिक स्वास्थ्य के विभिन्न पहलुओं पर आधारित “बूझो तो जाने” की सुंदर प्रस्तुति की। इस अवसर पर महाविद्यालय की प्राचार्या ने कहा कि अव्यवस्थित दिनचर्या, प्रतिदिन के कार्य को आगे के लिए टालना, हमें दिमागी की तौर पर तनाव में धकेलता है। अतः अनुशासित रहे, परिश्रम प्रिया रहे, तथा उचित खानपान के द्वारा मानसिक स्वास्थ्य के साथ शारीरिक स्वास्थ्य का भी ध्यान रखें।
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