खुर्जा। ।भारत पुष्प। श्रीमती सावित्री देवी लक्ष्मी चंद्र सरस्वती विद्या मंदिर सीनियर सेकेंडरी स्कूल में वंदना सत्र में महात्मा गांधी एवं लाल बहादुर शास्त्री जयंती मनाई गई। विद्यालय के प्रधानाचार्य प्रभात कुमार गुप्ता एवं उप प्रधानाचार्य जय भगवान शर्मा ने संयुक्त रूप से ध्वजारोहण किया। उसके बाद विद्यालय के प्रधानाचार्य एवं उप प्रधानाचार्य ने गांधी जी एवं शास्त्री जी के चित्र पर माल्यार्पण एवं पुष्पारचन कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया । कार्यक्रम का संचालन अंग्रेजी प्रवक्ता चेतन शर्मा ने किया। विद्यालय की कक्षा दशम की छात्रा राशी शर्मा ने शास्त्री जी के विषय पर विचार रखते हुए उनके जीवन से प्रेरणा लेने का संकल्प लेने को कहा। इसके बाद विद्यालय के उप प्रधानाचार्य जय भगवान शर्मा ने स्वच्छता पर अपने विचार रखते हुए कहा कि हमें अपने घर के साथ-साथ आज पड़ोस में सफाई एवं शुद्धता पर विशेष ध्यान देने की आवश्यकता है। उन्होंने बताया कि हमें मन वचन और कर्म से भी स्वच्छ रहना चाहिए। कार्यक्रम में विद्यालय के आचार्य डॉक्टर इंद्रवीर सिंह ने गांधी जी के विषय पर विचार रखते हुए कहा कि गांधीजी राजनीतिक एवं सामाजिक रूप से योग दृष्टा थे।उन्होंने सत्याग्रह के माध्यम से अत्याचार का प्रतिकार करते हुए समस्त जनता को जागृत किया।

उन्होंने शिक्षा एवं समाज के सुधार के लिए भी अनेक कार्य किए। गांधी जी ने बुनियादी शिक्षा पर जोर डालते हुए कहा कि हमें मातृ भाषा में शिक्षा प्राप्त करनी चाहिए तथा रोजगार परक शिक्षा प्राप्त करनी चाहिए जिससे व्यक्ति अनुशासित रहकर स्वावलंबी नागरिक बन सके। विद्यालय की आचार्य दीपा अरोड़ा ने शास्त्री जी के जीवन पर प्रकाश डालते हुए बताया कि शास्त्री जी एक दृढ़ निश्चय एवं अनुशासनात्मक व्यक्ति थे। उनका जीवन सदा जीवन एवं उच्च विचार का जीता जाता उदाहरण है वह भारत के द्वितीय प्रधानमंत्री बने। कार्यक्रम के अंत में विद्यालय के प्रधानाचार्य प्रभात कुमार गुप्ता ने छात्र छात्राओं को बताया कि हम सभी को स्वदेशी वस्तुओं को अपनाना चाहिए और विदेशी वस्तुओं का बहिष्कार करना चाहिए उन्होंने बताया कि गांधी जी के जो बुनियादी शिक्षा के सिद्धांत थे वही वर्तमान में 21वीं सदी के शिक्षण कौशल हैं। आज की रचनात्मक, क्रियात्मक एवं प्रयोगात्मक शिक्षा बुनियादी शिक्षा पर ही आधारित है।
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