खुर्जा। ।भारत पुष्प। अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के उपलक्ष में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की खुरजा नगर की 15 शाखायों ने योग दिवस कार्यक्रम किये कार्यक्रम मे सभी स्वयंसेवक बंधु ने सूक्ष्म योग, सूर्य नमस्कार, आसान, श्यास योग, ध्यान योग और अन्य योग कार्यक्रम किये। नगर संघचालक सुनील ने बताया की आज हम सभी स्वयंसेवक बंधु शाखा पर अन्तर्राष्ट्रीय योग दिवस के उपलक्ष्य मे एकत्रित हुए है। आज के दिन केवल भारत मे केवल नहीं बल्कि पुरे विश्व मे योग दिवस का कार्यक्रम किये जाते है योग का अर्थ और महत्व:योग केवल शरीर को स्वस्थ रखने का साधन नहीं, बल्कि यह मन, वचन और कर्म की एकता का मार्ग है। भारत की विश्व को देन: जब संपूर्ण विश्व भौतिकता की दौड़ में मानसिक तनाव, अवसाद और रोगों से जूझ रहा था, तब भारत ने योग का दिव्य मार्ग दिखाया। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के प्रयास से 21 जून को अंतरराष्ट्रीय योग दिवस घोषित हुआ – यह भारत के लिए गर्व का विषय है। नगर कार्यवाह सुदर्शन ने बताया राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की शाखा में सूर्य नमस्कार, ध्यान, और प्राणायाम जैसी क्रियाएं प्रारंभ से ही योग के अंग के रूप में समाहित हैं। शाखा का प्रत्येक स्वयंसेवक न केवल स्वयं योग करता है, बल्कि समाज को भी प्रेरित करता है। योग और राष्ट्रनिर्माण: शारीरिक, मानसिक और आत्मिक संतुलन से ही स्वस्थ नागरिक बनते हैं, और स्वस्थ नागरिकों से ही सशक्त राष्ट्र का निर्माण होता है। योग इस राष्ट्र निर्माण की मूल ऊर्जा है। हर स्वयंसेवक का कर्तव्य है कि वह योग को अपने जीवन में उतारे और समाज में इसके प्रचार-प्रसार हेतु सक्रिय भूमिका निभाए।योग का अर्थ है – “युक्त होना”, अर्थात आत्मा का परमात्मा से, मन का आत्मा से और मानव का प्रकृति से एकत्व। यह केवल आसन नहीं, बल्कि संयम, संतुलन, अनुशासन और साधना का जीवनमार्ग है।21 जून वर्ष का सबसे लंबा दिन होता है (उत्तर गोलार्ध में)। इस दिन सूर्य सबसे अधिक समय तक धरती पर रहता है, जिससे इसे “उर्ज़ा का पर्व” भी माना जाता है।योग ऊर्जा, संतुलन और प्रकृति के साथ सामंजस्य का विज्ञान। इसलिए इस दिन का चयन प्रतीकात्मक रूप से किया गया। 21 जून को योग दिवस इसलिए मनाया जाता है क्योंकि यह प्रकृति, परंपरा और विज्ञान तीनों के दृष्टिकोण से विशेष दिन है। यह दिन हमें शरीर, मन और आत्मा को संतुलित करने की प्रेरणा देता है। कार्यक्रम मे सभी कार्यकर्त्ता उपस्थित रहे।
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