खुर्जा। ।भारत पुष्प। एकेपी डिग्री कॉलेज में साहित्यिक सांस्कृतिक परिषद के तत्वाधान में युवा महोत्सव उल्लास आयोजित किया जा रहा है। जिसका शुभारंभ मुख्य अतिथि विधायक मीनाक्षी सिंह, रामअवतार सिंह, दिनेश चन्द्र, ममता, महाविद्यालय की प्राचार्या प्रो डिंपल विज,व साहित्यिक सांस्कृतिक परिषद  प्रभारी डॉ गीता सिंह द्वारा संयुक्त रूप से दीप प्रज्ज्वलित कर किया गया था। कार्यक्रम के प्रथम चरण में वेद मंत्रों की पावन ऋचाओं से डॉ मनु आर्या के ब्रह्मत्व में वैदिक यज्ञ का आयोजन किया गया। इसके पश्चात महाविद्यालय की पत्रिका शुभम सत्र 2024-25 का विमोचन किया गया। दूसरे चरण में भारत के अन्तरिक्ष में बढते कदम विषय से संबंधित क्विज प्रतियोगिता का आयोजन कार्यक्रम संयोजिका एकता चौहान के संयोजन में किया गया। जिनमें से 10 छात्राएं 5 टीमों जुगनू, चन्द्रयान, रोहिणी, भास्कर, आर्यभट्ट  के रूप में फाइनल राउंड में पहुंची। क्विज में अन्तरिक्ष विज्ञान  से संबंधित प्रश्न पूछे गए। प्रथम स्थान टीम आर्यभट्ट , द्वितीय स्थान  चन्द्रयान  टीम ने प्राप्त किया। इसरो की उपलब्धियों पर डा गीता सिंह के संयोजकत्व में छात्राओं ने इसरो से सम्बंधित वर्किंग माडल का निर्माण किया। महाविद्यालय की प्राचार्या प्रो डिंपल विज ने कहा कि छात्राओं के अन्दर छुपी हुई प्रतिभाओं को मंच और मुकाम देने के लिए साहित्यिक सांस्कृतिक परिषद के अन्तर्गत विभिन्न कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। इनका उद्देश्य छात्राओं को इसरो की गतिविधियों व अन्तरिक्ष अभियान से अवगत कराना है। वहीं शुक्रवार को कार्यक्रम के आरंभ में शासन के निर्देशानुसार वंदे मातरम् गीत के 150वर्ष पूर्ण होने के अवसर पर वंदे मातरम गीत का गायन किया गया ।

इस अवसर पर एकेपी डिग्री कॉलेज खुर्जा तथा एकेपी कालेज हापुड़ के मध्य शैक्षणिक विकास हेतु एम ओ यू साइन किया गया। प्रथम चरण में वाद-विवाद प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। वाद-विवाद की संयोजिका प्रो बीना माथुर ने बताया कि वाद विवाद प्रतियोगिता का विषय “इसरो के अनुसंधान ही पूर्ण विकसित भारत 2047 के स्वप्न को साकार करने का सशक्त मार्ग है ।”प्रतियोगिता  में 16 छात्राओं ने   अंतरिक्ष अन्वेषण, नीति, नैतिकता, और भविष्य की चुनौतियों जैसे विषयों पर अपने विचार प्रस्तुत किए। कार्यक्रम के द्वितीय चरण में  उल्लास के अन्तर्गत स्लोगन प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। कार्यक्रम संयोजिका डॉ मनु आर्या ने बताया कि स्लोगन प्रतियोगिता का विषय अन्तरिक्ष में भारत के बढ़ते कदम हैं। प्रतियोगिता में 14 छात्राओं ने प्रतिभागिता की। वाद-विवाद तथा स्लोगन प्रतियोगिता में प्रो वैशाली गुप्ता व  रमा सिंह  ने निर्णायक की भूमिका का निर्वहन किया। शनिवार को कार्यक्रम का शुभारंभ महाविद्यालय की प्राचार्या प्रो डिंपल विज, मुख्य अतिथि डॉ पूजा अग्रवाल, साधना, प्राची अग्रवाल, जयवीर सिंह व साहित्यिक सांस्कृतिक प्रभारी डॉ गीता सिंह ने संयुक्त रूप से  मां सरस्वती के सम्मुख  दीप प्रज्ज्वलित एवं माल्यार्पण कर  किया। प्रथम चरण में  हिंदी,अंग्रेजी एवं संस्कृत में कविता प्रतियोगिता  का आयोजन किया गया।  हिंदी कविता प्रो. रेखा चौधरी के दिशा निर्देशन में की गई।  अंग्रेजी कविता प्रतियोगिता की संयोजिका शर्मिष्ठा भड़ाना, संस्कृत कविता पाठ  प्रतियोगिता की संयोजिका डॉ मनु  आर्या  रहीं। प्रतियोगिता में लगभग 50 छात्राओं ने प्रतिभागिता  की । अंतरिक्ष , ग्रहों, चंद्रमा ,तारे ,ब्रह्मांड जैसे विषयों पर अपने भावों को शब्दों में पिरोकर छात्राओं ने कविताएं प्रस्तुति कीं।  कविता पाठ प्रतियोगिता में गुनगुन कौशिक एम ए तृतीय सेम प्रथम स्थान पर, आयुषी सैनी एम ए तृतीय सेम द्वितीय स्थान पर, बुलबुल सोलंकी तथा मान्या गोविल बी ए तृतीय वर्ष तृतीय स्थान पर  रहीं। कार्यक्रम के द्वितीय चरण में  उल्लास के अन्तर्गत मूक अभिनय प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। जिसमें छात्राओं ने चंद्रयान, मंगलयान से संबंधित सफलता सफलता को प्रस्तुत किया। निर्णायक मण्डल से जयवीर सिंह जी ने बताया कि  ऐसे कार्यक्रमों से छात्राओं में छिपी प्रतिभा को उभरने का अवसर मिलता है। कवयित्री प्राची अग्रवाल जी ने अपनी स्वरचित कविताओं का प्रस्तुतीकरण किया। डॉ पूजा अग्रवाल ने कहा कि प्रत्येक व्यक्ति के अंदर वैज्ञानिक सोच विकसित होनी चाहिए। महाविद्यालय की प्राचार्या प्रो डिम्पल विज ने प्रतियोगिता का उद्देश्य बताते हुए कहा कि इसका उद्देश्य प्रतिभागियों में आत्मविश्वास और सार्वजनिक भाषण कौशल विकसित करना है, साथ ही हिंदी के साथ संस्कृत व अंग्रेजी  भाषा के प्रति प्रेम और समझ को बढ़ाना भी है। इस अवसर पर समस्त महाविद्यालय परिवार उपस्थित रहा।

Loading

Spread the love

By admin

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *