खुर्जा। ।भारत पुष्प। श्री गोपाल संकीर्तन मंडल के तत्वावधान में 4 दिन से चल रहे, निष्काम, भक्ति, ज्ञान ,यज्ञ के समापन दिवस पर विराट संकीर्तन सम्मेलन का आयोजन किया गया। विराट संकीर्तन सम्मेलन में हाथरस ,अतरौली ,नगर एवं बाहर की अनेक संकीर्तन मंडलियों के भक्तों ने पधारकर प्रभु नाम संकीर्तन का गुणगान कर पीली कोठी को वृंदावन धाम बना दिया। स्वागत समिति के प्रमुख शिव किशोर गौड़ एडवोकेट एवं राजेश शर्मा एडवोकेट ने विराट संकीर्तन में पधारने वाले; भक्तों, मंडलियों का फूल वर्षा कर स्वागत किया। विराट संकीर्तन सम्मेलन में बाहर से पधारने वाली मंडलियों को मंडल का प्रतीक चिन्ह शिव किशोर गोड़ एडवोकेट ,राजेश शर्मा एडवोकेट, मंडल के अध्यक्ष दिनेश प्रदीप, ठाकुर दुष्यंत सिंह एवं सचिव रमेश कुमार बंसल द्वारा प्रदान किया गया। समस्त भक्त राधे राधे के नाम की मस्ती में झूम उठे। कार्यक्रम का प्रारंभ गणेश पूजन, राधा कृष्ण के पूजन के बाद प्रभु के महामंत्र जाप के साथ प्रारंभ हुआ। मंडल के संकीर्तन सम्राट मोहित मित्तल और उनके सहयोगी संकीर्तनकार सत्य प्रकाश, अरुण कुमार, हुकुम,देव कुमार, मनोज कुमार, महेंद्र सिंह, जय भगवान अग्रवाल ,अजय कौशल ,के0 के0 बंसल, सौरभ बंसल हरेंद्र शर्मा निमेष वर्मा, आयुष अग्रवाल आदि के प्रभु नाम संकीर्तन में भक्त लोग झूम उठे । मंडल के सचिव रमेश कुमार बंसल ने कहा कि प्रभु नाम संकीर्तन का जीवन में बहुत महत्व है। संसार में प्रभु नाम का संकीर्तन ही मनुष्य की मुक्ति का साधन है। प्रभु नाम का गुणगान करके व्यक्ति मोक्ष को प्राप्त कर सकता है। विराट संकीर्तन सम्मेलन की व्यवस्था में मंडल के राजेश पचौरी, चतरवीर सिंह, वासु ,लालचंद वर्मा, सुशील अग्रवाल ,करण प्रकाश अग्रवाल, राजेश शर्मा एडवोकेट, राजकुमार अग्रवाल, शिव किशोर गौड़ एडवोकेट, जितेंद्र सिंह एडवोकेट ,अजय गर्ग एडवोकेट ,कौशल शर्मा, मनोज कुमार सर्राफ, जगदीश चंद्र, रामकिशन बंसल ,दक्ष ,विनय वर्मा, बसंत कनोडिया, प्रेम प्रकाश अरोरा ,जयप्रकाश अग्रवाल, अरुण बंसल, अवनेश बंसल ,संजीव अग्रवाल ,अशोक सिंह, हरेंद्र शर्मा, जय भगवान अग्रवाल, रजत अग्रवाल ,ठाकुर दुष्यंत सिंह ,दिनेश प्रदीप ,के0 के0 बंसल, डॉक्टर आरसी वर्मा, अजय कौशल, कौशल शर्मा, सौरभ बंसल ,कुसुम बंसल, मंजू अग्रवाल ,ललिताअग्रवाल, नीलिमा बंसल ,रानी पचौरी आदि सैकड़ो भक्तों का सहयोग रहा। विराट संगठन सम्मेलन में सैकड़ो स्त्री- पुरुष भक्तों ने प्रभु नाम का गुणगान कर पुण्य लाभ प्राप्त किया। राधे- राधे के मधुर संकीर्तन के साथ मंडल के वार्षिक उत्सव कार्यक्रम का समापन हुआ।
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