सिकंद्राबाद। ।भारत पुष्प/पवन शर्मा। जब हमारे भारत देश में मुगलों का राज चलता था तभी मुगलों ने सनातनियों पर जबरन धर्म परिवर्तन / धर्मांतरण कराने को लेकर खुब जमकर अत्याचार किये थे। ओर हिंदूवादी राजाओं को गिरफ्तार कर जेल में डाल दिया था तो चारो तरफ हा-हाकार मच गया था इस बात की भनक जब सिक्ख समाज को लगी तो सिक्ख समाज के गुरुओं नें मुगलों को चुनौती देते हुए रणक्षेत्र में कूद गये और खुब जमकर युद्ध करते हुए अपना व अपने पुत्रों का बलिदान भी दिया था मगर झुके नही मुगलों को ही झुकने पर मजबूर कर दिया उन्ही 10 गुरुओ मे गुरु गोविंदसिंह व तेगबहादुर  साहिब हुए जिनको हिंद की चादर भी कहा जाता है इन्होने अपने बच्चो व खुद का बलिदान देकर अमर शहिद हो गये थे।

इन्ही नवमें गुरु तेगबहादुर ने अंत में सनातन धर्म को बचाया। आज तक एहसान मानते है की अगर सिक्ख समाज सनातन धर्म का साथ नही देता तो आज सनातन धर्म का नाम इतिहास से मिट गया होता। रविवार की रात गुरुद्वारा साहिब में भजन-कीर्तन का आयोजन कराया गया। इस भजन-कीर्तन का शुभारंभ महिलाओ नें किया ओर उसके बाद भजन-कीर्तन का रसास्वादन भूपेंद्र सिंह फिरोजपुर निवासी नें कराया। उसके बाद ग्रंथी साहिब नें सबद पाठ का वाचन किया ओर उसके बाद अरदास लगाकर हुक्मनामा पढ़कर सुखआसन कराया। इस कार्यक्रम के अंत में लंगर लगाकर प्रसाद वितरण कराया । इस कार्यक्रम का मंच संचालन रिक्की सिंह ने किया।

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