◾सच्चे देशभक्त, गरीब व दलितों-पिछड़ों के मसीहा थे महामना मालवीय।

अलीगढ़। ।भारत पुष्प। महामना पंडित मदन मोहन मालवीय ने बनारस हिंदू यूनिवर्सिटी के रूप में जिस पौधे को सींचा था आज वह वट वृक्ष के रूप में पल्लवित होकर समूचे देश और विदेश में शिक्षा के रूप में अपनी खुशबू बिखेर रहा है उक्त विचार वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक अलीगढ़ नीरज जादौन ने नुमाइश के कृष्णांजलि नाट्यशाला में उपजा के तत्वावधान में महामना मालवीय जी का देश के विकास में योगदान विषय पर आयोजित सेमिनार में व्यक्त किए ।उन्होंने कहा कि महामना के आदर्श वाक्य सत्यमेव जयते को जीवन में उतरने की आवश्यकता है। उत्तर प्रदेश जर्नलिस्ट्स एसोसिएशन उपजा के तत्वाधान में ’भारत रत्न महामना पं मदनमोहन मालवीय जी’ का देश के विकास में योगदान विषय पर संगोष्ठी का आयोजन राजकीय औद्योगिक एवं कृषि प्रदर्शनी के कृष्णांजलि मंच पर किया गया। संगोष्ठी का शुभारंभ वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक नीरज जादौन, महामंत्री गंगा सभा तन्मय वशिष्ठ अनूप शर्मा, शिक्षाविद डा0 गिर्राज किशोर, डा0 वी.पी. पाण्डेय, उपजा के प्रदेश अध्यक्ष प्रदीप शर्मा ने संयुक्त रूप से मां सरस्वती के समक्ष दीप प्रज्वलित कर व मालार्पण कर किया। सेमिनार में गंगा सभा रजि० हरिद्वार के महामंत्री तन्मय वशिष्ठ ने कहा की जात-पात छुआ-छूत के खिलाफ सबसे पहले देश भर में आवाज उठाने वाले श्री मालवीय जी थे उन्होंने सभी को समान मानकर सनातन को आगे बढ़ने का काम किया ऐसे महापुरुष के विचार हमेशा सार्थक रहेंगे। वहीं दूरदर्शन समाचार के सलाहकार संपादक मनीष वाजपेई ने कहा कि मालवीय जी महान स्वतंत्रता सेनानी,पत्रकार व वकील के साथ ही महान शिक्षाविद थे शिक्षा के क्षेत्र में उनके संकल्प और लक्ष्य के आगे उनकी गरीबी भी आगे नहीं आ सकी उन्होंने शिक्षा के क्षेत्र में बीएचयू की स्थापना कर जो कार्य किया वह कभी बुलाया नहीं जा सकता।

कार्यक्रम की अध्यक्षता उपजा के प्रदेश अध्यक्ष प्रदीप शर्मा ने करते हुए कहा कि महामना मालवीय देश की ऐसी प्रतिभा थे जिनके आदर्शों पर देश की नही विश्व के अनेक देश हिन्दी को अपना रहे है। ऐसी विलक्षण प्रतिभा के धनी को बार-बार नमन करते हुए उन्होंने कहा कि देश हर क्षेत्र में प्रगति कर रहा है। सेमिनार में एएमयू के  जनसंपर्क विभाग की इंचार्ज विभा शर्मा ने कहा कि मालवीय जी शिक्षा के महत्व को समझते थे इसी को ध्यान में रखकर उन्होंने बी.एच.यू. के रूप में शिक्षा का मंदिर स्थापित किया जहां से अध्ययन कर लाखों की संख्या में छात्र देश-विदेश में अपनी सेवाएं दे रहे हैं। टीकाराम कालेज की पुर्व प्राचार्या प्रो. शर्मिला शर्मा ने युवाओं से आह्वान किया कि अगर वे पंडित जी के जीवन की किसी एक बात को भी अपने जीवन में अपना ले तो उनका जीवन धन्य हो जाएगा। वे हिन्दी के पक्षधर थे इसलिए युवा पीढी गुडमोर्निग, गुडनाईट छोडकर अभिवादन स्वरूप् प्रणाम जैसे शब्दों को अपनाए। अब समय आ गया है कि गुलामी की दासता को छोडों और राष्ट्रभक्ति को अपनाओं। मालवीय जी में विश्व बंधुत्व की भावना थी और वे सहज तथा सरल व्यक्तित्व के धनी थे।  शिक्षाविद डा0 गिर्राज किषोर ने कहा कि मालवीय जी का नारा सत्यमेव जयते था वे स्वेत वस्त्र पहनते थे उन्होंने गाॅधीजी के असहयोग आंदोलन में अहम भूमिका निभाई। शिक्षाविद डा0 वी पी पांडेय ने कहा कि मालवीय ऐसे महापुरूष थे जिन्होंने देश की एकता अखंडता के लिए काम किया वे चार बार काग्रेंस के राष्ट्रीय अध्यक्ष रहें। डॉ अनूप शर्मा ने महामना मालवीय के व्यक्तिव पर प्रकाश डालते हुए कहा कि मालवीय जी ने सनातन धर्म की स्थापना और देशवासियों को संस्कारवान बनाने के लिए बनारस हिन्दू विश्वविद्यालय की स्थापना की। हिन्दीं भाषा को पल्लवित करने के लिए भारतीय संस्कृति को बढावा दिया। हमारी प्राचीन भाषा संस्कृत से दुनिया की 766 भाषाएं निकली है। इंदिरा गांधी राष्ट्रीय मुक्त विश्वविद्यालय के क्षेत्रीय केंद्र अलीगढ़ शिक्षा मंत्रालय भारत सरकार की क्षेत्रीय निदेशक डॉ. अजय वर्धन आचार्य ने बताया कि भारत रत्न महामना मदन मोहन मालवीय जी का देश के विकास में महत्वपूर्ण योगदान है आज के परि‌प्रेक्ष्य में उच्च शिक्षा के क्षेत्र में नवाचार शिक्षा कौशल विकास उद्यमशीलता नीति स्वरोजगार एवं रोजगार की अत्यंत आवश्यकता है इग्नू का क्षेत्रीय कार्यालय अलीगढ़ उच्च शिक्षा के संवर्धन के लिए एवं कौशल विकास एवं व्यवसायिक शिक्षा पर कार्य कर रहा है। शिक्षा प्रशिक्षण कौशल विकास के माध्यम से मदनमोहन मालवीय की विचार धारा को आगे बढ़ा रहा है। वरिष्ठ पत्रकार सुरेंद्र अग्रवाल ने मालवीय जी को आधुनिक युग के नारद की संज्ञा देते हुए कहा कि रोजगार परक शिक्षा की वकालत की। उनका व्यक्तित्व समुंद्र से भी गहरा है। क्योंकि उन्होंने आजादी के लिए संघर्ष किया है। दुनिया के बहुत बडे विश्वविद्यालय की स्थापना करायी। उनका सपना था कि हिन्दी विश्व की संपर्क भाषा बनेगी। उन्होंने पत्रकारिता करते हुए अपना कर्तव्य एवं धर्म बाखूबी निभाया। उत्तर प्रदेश जर्नलिस्ट एसोसिएशन मंडल अध्यक्ष सुबोध सुहृद ने कहा कि मालवीय जी एक सच्चे देशभक्त व दलितों, गरीबों के मसीहा थे। वे अपने तन-मन-धन से भारत का चहुॅमुखी विकास एवं समृद्वि चाहते थे। उन्होंने पुनजागरण की स्थापना की और नासिक के काला राम मंदिर में दलितों को प्रवेश दिलाया। उपजा के मंडल महामंत्री विशाल अग्रवाल ने कहा कि महामना मालवीय बहुआयामी प्रतिभा के धनी थे। वे एक शिक्षक, पत्रकार और विधिवक्ता थे। उन्होंने अपनी झोली फैलाकर गरीब और धनाढय लोगों से धन एकत्रित कर एक ऐसे संस्कारित बनारस हिन्दू विश्वविद्यालय की स्थापना की जिसके विद्यार्थी शिक्षा अध्यन करने के बाद प्रत्येक क्षेत्र में मापदंड स्थापित कर रहे है। प्रदीप व्यास, डॉ कैलाश शर्मा, डॉ एस एम जावेद,बी एल शर्मा,नीता गुप्ता,शिवा पाठक,सुधा शर्मा,उपजा महिला विंग की अध्यक्ष ममता शर्मा, हरीश शर्मा, रूप किशोर,अतुल ठाकुर,प्रशान्त हितैषी,नम्रता शर्मा,सपना चौहान,प्रीति शर्मा,रिंकीआदि ने विचार व्यक्त किए। सम्मेलन में रवि कुमार सिंह, डॉ कुंज बिहारी शर्मा,प्रदीप सक्सेना,सलीम,अहमद,नसरुद्दीन, पुरुषोत्तम,धर्मेंद्र,ओमपाल,फेमिदा,  शहाबुद्दीन ,सलमान,अश्वनी कुमार योगेश कुमार, पुष्पेंद्र सिंह, सुधीर चौहान, सोनू राघव, सुनील शर्मा, रिंकू शर्मा, हरिहर ,संजय ,अजीत चौहान ,विपिन,जगदीश प्रसाद शर्मा, रोहित सारस्वत, प्रेमपाल सिंह, उमेश शर्मा, संगम सिंह, विशंभर सिंह,अशोक, पंकज चौधरी,धर्मेंद्र बघेल, हरेंद्र पाल ,छाया मिश्रा आदि ने सहयोग किया।

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