– लोगों को मानसिक स्वास्थ्य के प्रति किया जागरूक

– सीएचसी पहासू पर हुआ मानसिक स्वास्थ्य शिविर का आयोजन

बुलंदशहर : (भारत पुष्प) राष्ट्रीय मानसिक स्वास्थ्य कार्यक्रम के तहत सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पहासू प्रांगण में मानसिक स्वास्थ्य शिविर का आयोजन हुआ। शिविर में विशेषज्ञ मनोचिकित्सक ने लोगों को मानसिक रोग के लक्षणों और इससे बचाव के बारे में विस्तृत जानकारी दी। शिविर में आए लोगों को मानसिक स्वास्थ्य से बचाव के बारे में जानकारी दी। शिविर के 363 मरीजों की जांच की गई। जिसमे 52 मरीज मानसिक स्वास्थ्य के पहुंचे हैं।  पहासू के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र प्रांगण में आयोजित मानसिक स्वास्थ्य शिविर का शुभारंभ अधीक्षक डा. मनोज कुमार, डा. रवि शर्मा सुनील कुमार, विकास कुमार ने संयुक्त रूप से फीता काटकर किया। आयोजित मानसिक स्वास्थ्य शिविर को संबोधित करते हुए डा. मनोज कुमार ने कहा- लोगों को मानसिक स्वास्थ्य के प्रति अधिक जागरूक होने की आवश्यकता है। आज हर घर में कोई न कोई, किसी न किसी कारण तनाव में है। तनाव में रहने से समस्याएं बढ़ती हैं। समस्या बहुत साधारण स्तर से शुरू होकर बाद में जटिल मानसिक रोग का रूप ले लेती है। ऐसी समस्याओं को प्राथमिक स्तर पर काउंसलिंग या योग के माध्यम से आसानी से दूर किया जा सकता है। मानसिक रोगों से बचने के लिए जीवन-शैली में सुधार लाने और नियमित रूप से योग को अपनाने की जरूरत है। शिविर में 363 मरीजों की जांच के उपरांत निशुल्क दवाई उपलब्ध कराई गई। आयोजित शिविर में 9 दिव्यांग बच्चो को प्रमाण पत्र जारी कर वितरित किए गए हैं।कार्यक्रम के नोडल डा. रमित कुमार ने कहा कि हमारा वह व्यवहार जिससे हम पर, हमारे परिवार और समाज पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ता है, वह मानसिक रोग है। मानसिक रोग से मनुष्य की दिनचर्या अव्यवस्थित हो जाती है। हमारे समाज में आज भी 80 प्रतिशत लोग मानसिक रोग से ग्रसित हैं, जिन्हें हम देख नहीं पाते इन्हें न्यूरोट्रिक कहते हैं। नींद न आना, बेचैनी, उलझन, हताशा, अत्याधिक क्रोध, आशंका, एक ही कार्य बार-बार करना आदि मानसिक रोग के प्रमुख लक्षण हैं। ऐसे किसी भी लक्षण के होने पर झाड़-फूंक के चक्कर में न पड़कर तत्काल मनोचिकित्सक से सलाह लें। नोडल अधिकारी डा. रमित कुमार ने बताया कि जनपद के जिला अस्पताल में प्रत्येक सोमवार, बुधवार और शुक्रवार को और खुर्जा के एसएस जटिया अस्पताल में मंगलवार और शनिवार को मानसिक स्वास्थ्य की ओपीडी होती है। यहां राष्ट्रीय मानसिक स्वास्थ्य कार्यक्रम की टीम की ओर से काउंसलिंग, सलाह व उपचार उपलब्ध कराया जाता है।

Loading

Spread the love

By admin

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *