सिकंद्राबाद। ।भारत पुष्प/पवन शर्मा। नगर में चल रही रामलीला के छठवें दिवस में भगवान श्री राम को जब रानी कैकेई द्वारा 14 वर्ष का वनवास मिला तो पूरी अयोध्या में शोक की लहर दौड़ गयी और राजा दशरथ भगवान श्री राम के वियोग में मुर्छित हो कर धरनी पर लेट गये इस बात की खबर जब भगवान श्री राम को लगी तो वह खुशी से माता-पिता की आज्ञा पाकर वन जाने को तैयार हो गये इस बात की खबर जब सीता माता को लगी तो वह भी उनके साथ चल दी उनके साथ लक्ष्मण भी चल दिए इस प्रकार तीनों प्राणी वन जाने को तैयार हो गये। उधर नारद मुनि द्वारा विष्णु भगवान को लगा श्राप भी पूरा हो गया। नारद जी ने कहा था की तुम पृथ्वीलोक पर वन में भटकोंगे।
यहां तक की लीला का मंचन वृंदावन से आये कथावाचक पंकज शर्मा की मंडली ने बहुत सुंदर तरीके से प्रस्तुत किया जिसे सुनकर श्रद्धालु भावुक होकर दुःखी हो गये। रामलीला का मंच संचालन अरविंद दीक्षित द्वारा बड़े सुंदर तरीके से किया जा रहा है। इस रामलीला में केमेटी के प्रधान सचिव शर्मा, चैयरमेन पं राकेश शर्मा, राहुल गुप्ता, जगदीश बजाज, राकेश मोहन सर्राफ, अर्जुन के अलावा सभी कार्यकर्ताओं का भरपूर सहयोग मिल रहा है।
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