खुर्जा। ।भारत पुष्प। श्री जय शिव निष्काम सेवा मंडल के तत्वावधान में 30 वें वार्षिकोत्सव के उपलक्ष में संगीतमयी श्रीमद् भागवत कथा के पहले दिन गणेश वंदना के बाद कथा प्रवर आचार्य अतुल कृष्ण जी महाराज ने प्रभु नाम की अमृत वर्षा करते हुए कहा- प्रभु की कथा बड़े भाग्यशाली लोगों को सुनने के लिए मिलती है । जब ईश्वर की बहुत बड़ी कृपा होती है, तभी भागवत कथा को व्यक्ति श्रवण कर सकता है। भागवत कथा मुक्ति प्रदान करने वाली है। भागवत कथा सर्वप्रथम चार स्थानों पर कही गई, सबसे पहले भागवत कथा नैमिषारण में और अंतिम भागवत कथा शुक्रताल में राजा परीक्षित को सुनायी गयी। भागवत कथा रूपी अमृत को जो भी पी लेता है, वह अमर हो जाता है ।

भागवत कथा वेद रूपी वृक्ष का फल है। यह फल खाया नहीं जाता, इसे पिया जाता है । भागवत रूपी कथा को मुख से नहीं, कानों से पिया जाता है। भागवत कथा तीनों तापों दैहिक, दैविक ,भौतिक तापों का शमन करने वाली होती है। कथा के मुख्य यजमान इंजीनियर गिरीश चंद्र गुप्ता ने अपनी पत्नी रमा गुप्ता के साथ भागवत जी का पूजन दीप प्रज्ज्वलित कर आशीर्वाद प्राप्त किया। कोठी राज नारायण नोवेल्टी रोड स्थित राज उपवन कथा मंडप में सैंकड़ों की संख्या में पधारे माता, बहिन, पुरुष श्रद्धालु श्रीमद् भागवत कथा श्रवण कर प्रभु नाम की मस्ती में झूम उठे। श्री भागवत कथा में पधारे सभी श्रद्धालुओं का मंडल के सचिव पूरन चंद शर्मा ने कहा आज चारों ओर वर्षा हो रही है फिर भी प्रभु ने बड़ी कृपा करके प्रभु की कथा में बारिश को रोक दिया और सभी श्रद्धालुओं को प्रभु नाम की भागवत कथा श्रवण कराने की कृपा की। कथा में मंडल के कार्यकर्ताओं में गणेश गुप्ता, विनोद खुराना, राजकुमार, राजू रसिक, चारू गुलाठी, कौशल गुप्ता, गणेश गुप्ता, नीलू, गगन अरोड़ा, आदि भक्तों ने सेवा और सहयोग कर पुण्य प्राप्त किया।
![]()
