खुर्जा। ।भारत पुष्प। श्री नवदुर्गा शक्ति मंदिर पर दितीय नवरात्रि में मातारानी को पीले रंग की पोषाक धारण कराकर माता ब्रहमचारिणी के रूप में पूजा अर्चना कर उन्हें चीनी का भोग लगाया गया। बताया गया कि माता रानी का वाहन चीता है। भक्तों की भीड मंदिर पर मातारानी के दर्शनों को सुबह व शाम में नंगे पैर पहुंच रही है। वहीं मंदिर कमैटी के साथ साथ पुलिस प्रशासन ने भी पूरी सुरक्षा व्यवस्था संभाल कर रखी है। मंदिर कमैटी के कोषाध्यक्ष अजय कुमार गर्ग एडवोकेट ने बताया कि मंदिर परिसर में एक मनोकामना स्तम्भ मौजूद है। जहां पर भक्त मातारानी के सम्मुख अपनी मनोकामना की प्रार्थना कर मनौती की चुन्नी बांधते हैं तथा अपनी मनोकामना पूरी होने पर मातारानी को प्रसाद अर्पण कर चुन्नी खोलकर जाते हैं।
मंदिर पर पहुंचे एक श्रद्धालु ने बताया कि उन्होनें मातारानी से कारोबार में उन्नति की प्रार्थना की थी जिसे पूरी होने पर आज वह चुन्नी खोलने परिवार संग आये हैं। वहीं मंदिर पुजारी कमल ओझा ने बताया कि ब्रहमचारिणी माँ की नवरात्र पर्व के दूसरे दिन पूजा-अर्चना की जाती है। साधक इस दिन अपने मन को माँ के चरणों में लगाते हैं। ब्रह्म का अर्थ है तपस्या और चारिणी यानी आचरण करने वाली। इस प्रकार ब्रह्मचारिणी का अर्थ हुआ तप का आचरण करने वाली। इनके दाहिने हाथ में जप की माला एवं बाएँ हाथ में कमण्डल रहता है। मातारानी की एक प्रतिमा में मातारानी के नौ रूपों के दर्शन होते हैं जो विश्व में कहीं अन्य स्थान पर नहीं है। इसलिए यहां मौजूद मातारानी को अदितीय कहा जाता है। साथ ही मंदिर पर प्रतिदिन 56 भोग मातारानी को अर्पण किए जाते हैं उसके बाद प्रसाद के रूप में इसे भक्तों के बीच वितरित किया जाता है। मंदिर की व्यवस्थाओं में कमेटी के अनेक सदस्य मौजूद रहे।
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