खुर्जा: ।भारत पुष्प। नगर में जन्मे माधौ बिहारी दास महाराज का षड् दर्शन साधु समाज अखिल भारतीय सनातन धर्म रक्षा समिति द्वारा महामंडलेश्वर मनाया गया है। जिसके बाद उनका नाम स्वामी निखिलेश्वरानंद माधौ दास बिहारी महाराज हो गया। रविवार शाम उनके सम्मान समारोह श्रीजी संकीर्तन मंडल द्वारा आयोजित किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ विधि-विधान से पूजा-अर्चना करते हुए किया गया। जिसके बाद कई जगह से आए संतों व ब्रज रसिकों द्वारा स्वामी निखिलेश्वरानंद का पटका पहनाते हुए सम्मान किया गया। वहीं उन्होंने अपने विचार रखे और कहा कि हर किसी को सच्चाई के रास्ते पर चलना चाहिए और दीन-दुखियों की सेवा करनी चाहिए। तप, त्याग और साधना के रास्ते पर चलकर ही ईश्वर की प्राप्ति संभव है। कथा व्यास अतुल कृष्णा महाराज ने कहा की यह सभी के लिए हर्ष की बात है। मैं उसे मातृ को भी प्रणाम करता हूं। जिसने ऐसे संत को भजन करने वाले संत को जन्म दिया। अगर संत नहीं होंगे, तो धर्म की स्थापना नहीं हो पाएगी। वही बरसाना माताजी गौशाला से आए सुनील ने कहा कि हर किसी को गौ माता का सम्मान करना चाहिए। सभी क्योंकि परम वैष्णव है और ऐसे आयोजन में जिम्मेदारी के बाद पहली बार आया हूं। मैं भी आप सबसे आशीर्वाद चाहूं कि इसमें अभियान में मुझे कर गति चार गुनी गति मिले। ऐसा आप सबका सहयोग आशीर्वाद रहे उन्हें महाराज जी के चरणों में करते हुए मैं अपनी वाणी को विराम देता हूं। वही ऋषिकेश से आए महामंडलेश्वर स्वामी ब्रह्मानंद महाराज ने कहा कि यह हर्ष का विषय है कि आज सनातन धर्म की रक्षा के लिए महामंडलेश्वर का स्वागत है। उन्होंने कहा कि हर किसी को भगवान पर भरोसा रखना चाहिए और सच्चाई के मार्ग पर चलते रहना चाहिए। कार्यक्रम के दौरान विपिन श्याम दीवाना समेत अन्य ब्रज रसिकों ने अपने भजन सुनाए। इस मौके पर नगर के अनेक गणमान्य लोग मौजूद रहे।

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