बुलंदशहर। ।भारत पुष्प। राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण, नई दिल्ली तथा उत्तर प्रदेश राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण, लखनऊ के निर्देशानुसार एवं जनपद न्यायाधीश/अध्यक्ष, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, बुलन्दशहर संजय सिंह-1 के मार्गदर्शन में 25 सितम्बर 2026 से 02 अक्टूबर 2026 (गांधी जयंती) तक जनपद में पॉक्सो एक्ट (POCSO Act, 2012) के प्रावधानों एवं विधिक परिणामों पर विशेष जागरूकता महाभियान संचालित किया जा रहा है। इसी क्रम में शुक्रवार को जनपद न्यायालय परिसर स्थित कैफेटेरिया हॉल (19 कोर्ट बिल्डिंग) में जनपद के लगभग 400 विद्यालयों से आए नोडल शिक्षकों/शिक्षिकाओं हेतु एक वृहद प्रशिक्षण एवं संवेदीकरण कार्यशाला का सफल आयोजन किया गया। कार्यशाला को संबोधित करते हुए विकास चौधरी, पूर्णकालिक सचिव, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, बुलन्दशहर एवं मोनिका कालरा, सिविल जज (जू०डि०) द्वारा उपस्थित शिक्षकों को पॉक्सो अधिनियम के विधिक पहलुओं, बाल अधिकारों तथा छात्र-छात्राओं को जागरूक करने की कार्यप्रणाली के संबंध में विस्तृत प्रशिक्षण दिया गया। कार्यशाला के दौरान उपस्थित समस्त प्रधानाचार्य/नोडल शिक्षकों को पॉक्सो एक्ट (POCSO Act, 2012) के प्रमुख विधिक प्रावधानों, बाल अधिकारों व सुरक्षा उपायों से संबंधित ज्ञानवर्धक पैम्फलेट/प्रचार सामग्री वितरित कर विस्तृत जानकारी दी गई, ताकि वे अपने-अपने विद्यालयों में जाकर छात्र-छात्राओं को सरलतापूर्वक जागरूक कर सकें।” सचिव विकास चौधरी ने बताया कि जनपद के सुदूरवर्ती व सभी विद्यालयों में न्यायिक अधिकारियों का व्यक्तिगत रूप से पहुंचना संभव न होने के दृष्टिगत विद्यालयों के शिक्षकों को नोडल अधिकारी नामित कर प्रशिक्षित किया गया है, ताकि वे अपने विद्यालयों में जाकर छात्र-छात्राओं को पोक्सों एक्ट के प्रावधानों की सही जानकारी दे सकें और उनके भविष्य को सुरक्षित कर सकें। उन्होंने स्पष्ट किया कि कानूनन 18 वर्ष से कम आयु के बालक या बालिका की ‘सहमति’ (Consent) का कोई विधिक मूल्य नहीं होता। किशोरावस्था में कानून की सही जानकारी न होने के कारण बच्चे गंभीर अपराधों की चपेट में आ जाते हैं, जिसे समय रहते प्रार्थना सभाओं के माध्यम से दूर किया जाना अत्यंत आवश्यक है। मोनिका कालरा, सिविल जज (जू०डि०) द्वारा पॉक्सो कानून की विभिन्न धाराओं, बाल विवाह प्रतिषेध अधिनियम, 2006 तथा पीड़ित बालक-बालिकाओं की पहचान व गोपनीयता बनाए रखने संबंधी कानूनी अनिवार्यताओं पर प्रकाश डाला गया। उन्होंने शिक्षकों से आह्वान किया कि वे विद्यार्थियों को संवेदनशील बनाकर एक सुरक्षित वातावरण प्रदान करें तथा किसी भी अप्रिय स्थिति या कानूनी सहायता हेतु विधिक सेवा प्राधिकरण से संपर्क स्थापित कराएं। प्रशिक्षण के दौरान शिक्षकों को अवगत कराया गया कि किसी भी आपात स्थिति या विधिक सहायता के लिए राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण की राष्ट्रीय हेल्पलाइन 15100, चाइल्डलाइन 1098, पुलिस आपात सेवा 112 तथा जिला विधिक सेवा प्राधिकरण बुलन्दशहर के हेल्पलाइन नंबर 9917709066 अथवा ईमेल disabulandshahr@gmail.com पर सीधे संपर्क किया जा सकता है। कार्यक्रम के अंत में सभी प्रतिभागी शिक्षकों ने अपने-अपने विद्यालयों में छात्र-छात्राओं के बीच इस जागरूकता अभियान को पूरी निष्ठा से संचालित करने का संकल्प लिया।

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