खुर्जा। ।भारत पुष्प। एकेपी डिग्री कॉलेज में महाविद्यालयीय तथा अंतर्विश्वविद्यालयीय संस्कृत सप्ताह का शुभारंभ महाविद्यालय की यज्ञशाला में यज्ञ के माध्यम से हुआ। डॉ मनु आर्या के ब्रह्मत्व में वेद मंत्रों की पावन ऋचाओं से यज्ञ का कार्यक्रम सम्पन्न हुआ। यज्ञ की यजमान महाविद्यालय की प्राचार्या प्रो डिम्पल विज रहीं। ब्लाक प्रमुख मोनिका सिंह, रोटरी क्लब की सदस्य पूनम सिंघल, इनरव्हील क्लब से ललिता पाण्डेय, वूमेन पावर एसोसिएशन से वर्षा गुप्ता तथा महाविद्यालय की समस्त शिक्षिकाओं व छात्राओं ने यज्ञ वेदी में आहुतियां देकर पुण्य का अर्जन किया। यज्ञ की ब्रह्मा मनु आर्या ने कहा कि यज्ञ दुनिया का सर्वश्रेष्ठ कर्म है। आपने कहा कि यज्ञ में जो सामग्री तथा समिधाएं प्रयोग की जाती हैं उनमें विशेष गुण होते हैं। यज्ञ में पुष्टिकारक, रोगनाशक, सुगन्धिकारक और मधुर द्रव्यों का प्रयोग किया जाता है जिनसे भौतिक पर्यावरण की शुद्धि होती है तथा वेद मंत्रों के उच्चारण पूर्वक आहुति देने से मंत्रों के उदात्त भाव आत्मिक उन्नति का भी साधन बनते हैं। महाविद्यालय की प्राचार्या प्रो डिम्पल विज ने कहा कि यज्ञ भारतीय संस्कृति का आधार है यज्ञ एक वैज्ञानिक प्रक्रिया है। भगवान श्रीकृष्ण ने गीता में कहा कि यज्ञ से वृष्टि होती है वृष्टि से अन्न की उत्पत्ति और अन्न मनुष्य जीवन का आधार है अतः सभी को नित्य प्रति यज्ञ करना चाहिए। यज्ञ के उपरांत संस्कृत विभाग की छात्राओं ने ‘श्लोक सुनाओ मिष्ठान्न पाओ’ अभियान चलाया।
![]()
