सिकंद्राबाद। ।भारत पुष्प/पवन शर्मा। नगर सिकन्दराबाद के रामबाडा़ में चल रही रामलीला में भगवान श्री राम ने जनकपुरी में शिव शंकर का धनुष खंडन /भंग कर दिया। यहाँ तक की लीला का मंचन आरती वंदन कर किया गया। रामायण में लिखे अनुसार बताया जाता है की जब गुरु विश्वामित्र भगवान श्री राम के द्वारा ताड़का व सुबाहु का वध करा देते हैं ओर दडंक वन को राक्षसों से सुरक्षित करा लेते हैं तब गुरु विश्वामित्र भगवान श्री राम व लक्ष्मण को जनकपुरी दिखाने ले जाते हैं तो रास्ते में अहल्या तारण कर जनकपुरी पहुँच गये ओर वहां पर देखा की जनकपुरी में बड़े-बड़े महारथी राजा आये थे ओर लंकापति रावण भी आया था मगर उस शिव शंकर के धनुष का खंडन /भंग नहीं कर पाये तो राजा जनक बहुत दुखी होकर कहने लगे की इस पृथ्वी पर कोई ऐसा महारथी नहीं पैदा हुआ जो इस धनुष को भंग कर सीता का के गले में वरमाला डालकर शादि कर सके इस बात को सुनकर भगवान श्री राम ने गुरु विश्वामित्र की आज्ञा से धनुष का खंडन /भंग कर दिया ओर सीता संग वरमाला डालकर विवाह कर लिया।
यहाँ तक की रामलीला का मंचन राधा कृष्ण मंडली वृदावन द्वारा किया गया। रामलीला का मंच संचालक लगातार अरविंद दीक्षित के द्वारा किया जा रहा है। इस मौके पर रामलीला समिति के प्रधान पं राकेश शर्मा, प्रबंधक राहुल गुप्ता, जगदीश बजाज, लोकेश कौशल, राकेश मोहन मौनी मोजूद रहे।
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