सिकंद्राबाद। ।भारत पुष्प/पवन शर्मा। 6 दिसंबर 24 को सिक्ख समाज के 9 वें गुरु गुरु तेग बहादुर सिंह की शहिदी दिवस था। सिक्ख समाज व इतिहास द्वारा बताया जाता है की जब हमारे भारत देश में मुगल शासक ओंरगजेब की हुकूमत थी तो इसी ओंरगजेब ने अपनी हठधर्मी व क्रुरता खुब जमकर चलायी थी ओर सनातनीयों को धर्म परिवर्तन करने के लिए हर प्रकार की योजनाएं देकर विवश किया गया था और देश में काफी मंदिरों को तहस नहस भी करा दिया था इसी समस्या को लेकर सनातनी लोग सिक्ख समाज के गुरु तेगबहादूर सिंह की शरण ली ओर रक्षा करने की प्रार्थना की इस प्रार्थना को सुनकर  गुरु तेगबहादूर जी ने अपने आप व बच्चों का बलिदान देते हुए हिंदू धर्म की रक्षा की थी। तभी से 6 दिसंबर को हिंद की चादर गुरुतेगबहादूर सिंह का शहिदी दिवस मनाया जाता है। उसी क्रम में नवनिर्मित सिक्ख समाज के पवित्र धर्म स्थल गुरुद्वारा साहिब में देर रात्री को भारत विकास परिषद् संस्कार शाखा ने सिक्ख समाज के साथ शहिदी दिवस मनाया। इस मौके पर गुरुद्वारा साहिब के संचालक रिककी व पिंकी बोहरा ने सिक्ख समाज के 9 वें गुरु गुरु तेगबहादुर सिंह की शहिदी के बारे में विस्तृत जानकारी मौजूदा जनों को दी उसके भारत भारत विकास परिषद् संस्कार शाखा के प्रान्तीय सचिव वीएस सकसैना, जुगल किशोर बंसल, एसएन शर्मा, विभोर गुप्ता आदी पदाअधिकारीयों ने गुरु तेगबहादूर सिंह की जीवन शैली पर प्रकाश डालते हुए शाहिद होने तक विस्तृत जानकारी दी ओर बताया की अगर सिक्ख समाज के गुरु तेगबहादूर नहीं होते तो आज सनातन धर्म यानी हिंदू धर्म नहीं होता क्योंकि अत्याचारी व क्रूर शासक ओंरगजेब दनादन धर्म परिवर्तन कराने पर उतारुं था ओर हिंदू मंदिरों को तोड़ने पर लगा हुआ था। इस मौके पर विभोर गुप्ता व अन्य लोगों ने गुरुद्वारा साहिब में नव निर्माण हेतु सहयोग राशी भेंट की।

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