खुर्जा। ।भारत पुष्प। शुक्रवार को एकेपी डिग्री कॉलेज में हिन्दी विभाग के शोधार्थियों के प्रगति सेमिनार का शुभारंभ महाविद्यालय की प्राचार्या प्रो डिंपल विज, शोध परिषद प्रभारी प्रो रेखा चौधरी, शोध निर्देशिका डॉ कल्पना माहेश्वरी तथा प्रो नवीन चन्द्र लोहनी अध्यक्ष हिंदी एवं भारतीय भाषा विभाग चौधरी चरण सिंह विश्वविद्यालय मेरठ ने वेद मंत्रोच्चारण के साथ मां सरस्वती के श्री चरणों में दीप प्रज्ज्वलित कर किया। शोध परिषद प्रभारी प्रो रेखा चौधरी ने बताया कि आज शोधार्थी निवेदिता स्वरूप तथा नीतू तिवारी का जूनियर रिसर्च फेलोशिप से सीनियर रिसर्च फेलोशिप के अनुमोदन हेतु सेमिनार का आयोजन किया गया। शोधार्थी नीतू तिवारी ने “कौरवी लोक साहित्य की विधाओं में मानवीय मूल्यों का अनुशीलन” विषय पर सेमिनार प्रस्तुत करते हुए कौरवी लोक साहित्य की अवधारणा, स्वरूप, तत्व, क्षेत्र और उच्चारणगत विशेषताओं पर प्रकाश डाला। शोधार्थी निवेदिता स्वरूप ने “ब्रज एवं कौरवी लोक साहित्य की लोक सांस्कृतिक चेतना का तुलनात्मक अध्ययन” विषय पर शोध-पत्र प्रस्तुत करते हुए टेसू, होली, वसन्त आदि के आध्यात्मिक व सांस्कृतिक महत्व पर प्रकाश डाला। विषय विशेषज्ञ प्रो नवीन चन्द्र लोहनी ने छात्राओं को संबोधित करते हुए कहा कि अपनी लोक विरासत को सहेजना और आगे आने वाली पीढ़ी को विरासत के रूप में देना यही शोधार्थी का सच्चा कर्म और साहित्यिक सेवा है। लोक साहित्य व लोक संस्कृति बचेगी, तभी हम लोगों का भी अस्तित्व बचेगा अन्यथा पाश्चात्य संस्कृति की हवा अपने साथ भारतीय जीवन मूल्यों को उड़ाकर ले जायेगी। महाविद्यालय की प्राचार्या प्रो डिंपल विज ने शोधार्थियों से कहा कि लोक साहित्य को परखना, उसकी विशेषताओं को समझना व उसकी रक्षा करना प्रत्येक शधार्थी का कर्तव्य है। इस अवसर पर समस्त महाविद्यालय परिवार उपस्थित रहा।

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