खुर्जा। ।भारत पुष्प। जै़निथ पब्लिक स्कूल में शिक्षक दिवस के अवसर पर भारत विकास परिषद द्वारा शिक्षक वंदन–छात्र अभिनंदन समारोह का भव्य आयोजन किया गया। कार्यक्रम में मुख्य अतिथियों के रूप में भारत विकास परिषद की अध्यक्ष अलका गर्ग, नीलम रुहेला, कार्यक्रम प्रायोजक पूजा तायल, चंद्र प्रकाश तायल, स्वाति वार्ष्णेय, अजय गर्ग एडवोकेट, मुकेश रोहेला, प्रेम प्रकाश अरोड़ा, कुशाग्र अग्रवाल, राजीव तायल, सुनील गुप्ता आदर्श, राजीव वर्मा, राजेंद्र अग्रवाल आदि उपस्थित रहे। कार्यक्रम विद्यालय के निदेशक राहुल राठी एवं मैनेजर नीलम राठी के मार्गदर्शन तथा प्रधानाचार्या गीता डैंग एवं उप-प्रधानाचार्या बबीता शर्मा की देखरेख में संपन्न हुआ। कार्यक्रम का शुभारंभ निदेशक राहुल राठी, मैनेजर नीलम राठी एवं उपस्थित अतिथियों द्वारा दीप प्रज्वलित कर किया गया। इसके पश्चात कक्षा प्रथम से दशम तक के तीनों सेक्शनों में प्रथम स्थान प्राप्त करने वाले मेधावी छात्र-छात्राओं को पुरस्कार प्रदान कर सम्मानित किया गया।

साथ ही विद्यालय के हेड बॉय, हेड गर्ल, डिप्टी हेड बॉय एवं डिप्टी हेड गर्ल को भी पुरस्कार देकर सम्मानित किया गया। इसके बाद शिक्षक सम्मान समारोह का क्रम प्रारंभ हुआ। सर्वप्रथम प्रधानाचार्या गीता डैंग, तत्पश्चात उप-प्रधानाचार्या बबीता शर्मा, प्रधानाध्यापक, एकेडमिक हेड एवं डिप्टी प्रधानाध्यापक को स्मृति चिन्ह भेंट कर सम्मानित किया गया। इसके बाद विद्यालय में लगभग 14–15 वर्षों से अपनी सेवाएं दे रहे वरिष्ठ शिक्षक-शिक्षिकाओं को स्मृति चिन्ह देकर सम्मानित किया गया। अंत में विद्यालय के अन्य सभी शिक्षक-शिक्षिकाओं को भी सम्मानपूर्वक भेंट प्रदान कर उनके समर्पण, परिश्रम एवं शिक्षा के क्षेत्र में योगदान के लिए अभिनंदित किया गया। विद्यालय के निदेशक राहुल राठी, जो भारत विकास परिषद के सदस्य भी हैं, ने परिषद की इस पहल की प्रशंसा करते हुए कहा कि शिक्षक केवल पुस्तकीय ज्ञान नहीं देते, बल्कि विद्यार्थियों के व्यक्तित्व, संस्कार और भविष्य का निर्माण करते हैं। भारत विकास परिषद द्वारा वर्ष 1990 से शिक्षक वंदन–छात्र अभिनंदन कार्यक्रम आयोजित किया जा रहा है। परिषद की लगभग 1500 से अधिक शाखाओं के माध्यम से प्रतिवर्ष शिक्षकों एवं प्रतिभाशाली विद्यार्थियों का सम्मान कर उनका उत्साहवर्धन किया जाता है। समारोह के दौरान विद्यालय परिसर में सम्मान, उत्साह और गौरव का अद्भुत संगम देखने को मिला। कार्यक्रम ने शिक्षकों के प्रति सम्मान की भावना को मजबूत करने के साथ विद्यार्थियों को भी निरंतर मेहनत कर सफलता प्राप्त करने के लिए प्रेरित किया।
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