बुलंदशहर। भारत पुष्प। सिंचाई विभाग के द्वारा गंगनहर का पानी काली नदी में छोड़ने पर गांव घुंघरावली बनवारीपुर, एमनपुर , अच्छेजा घाट , कुराला, रमपुरा , बैलोंठ, पुठरी , कलेना, बाढ़, मुर्तजाबाद भटवारा, बादशाहपुर पचगाई , आचरु कला, रामपुर मानपुर, याकूबपुर,के किसानों की फसलें डूब गयीं।जिस परकिसानों में भारी आक्रोश पैदा हो गया और वह अधिशासी अभियंता बुलंदशहर खंड गंग नहर के कार्यालय पर धरने पर जा बैठे। सूचना मिलते ही धरना स्थल पर पहुंचे एसडीओ ने तुरंत फ़ोन करके मुंडा खेड़े से काली नदी में जा रहे पानी को बंद कराया। भाकियू महाशक्ति के राष्ट्रीय अध्यक्ष ठाकुर धर्मेंद्र सिंह ने कहा, जब तक काली नदी की सफाई ना हो जाए तब तक गंगनहर का पानी नदी में छूट न जाए, वरना अंजाम भुगतना होगा और कहा, किसानों की हजारों बीघा बर्बाद हुई फसलों का सरकार 25 हजार रुपए प्रति बीघे का तत्काल मुआवजा दिलाए मुआवजा नहीं मिला और बाकी मांगे पूरी नहीं हुई तो काली नदी की सफाई कराने तक जनपद के किसान आपका करेंगे घेराव अब किसान चुप नहीं बैठेंगे पानी बंद करो और काली नदी की सफाई कराओ। दोनों साइड 5 पांच फुट ऊंची पटरी बनवाकर पौधारोपण कराओ जिससे नदी कटान न करें।क्योंकि नदी के साइड वाले किसान पूरी तरह बर्बाद हो चुके हैं, बिजली विभाग 5 महीने का बिल जमा नहीं करने पर फर्जी मुकदमे दर्ज करा दे रहा है। कहां से किसान बिजली का बिल जमा करें कहां से बच्चों की फीस जमा करें? और कहां से परिवार का घर का खर्चा चलाए किसान मौके पर एडवोकेट जोगेंद्र सिंह अधाना, राजकुमार अवाना, हरजीत भाटी, ठाकुर सुनील सिंह, बंटी सिंह लोधी, शिवा शर्मा, कैप्टन चौधरी बिक्रम सिंह, टीकम सिंह, हेमलता चौधरी, रवि सोलंकी, शबाना, मौनी , चौधरी वीर सिंह, अवशेष शर्मा , यशपाल खटीक,ठा गुलवीर सिंह, आदेश शर्मा, सुनील प्रधान, हरप्रसाद सैनी आदि उपस्थित रहे।
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