खुर्जा। ।भारत पुष्प। मंगलवार को एकेपी डिग्री कॉलेज में साहित्यिक सांस्कृतिक परिषद के तत्वाधान में युवा महोत्सव उल्लास के द्वितीय दिवस का शुभारंभ महाविद्यालय की प्राचार्या प्रो डिंपल विज, डॉ अर्चना सिंह डीएबी बुलन्दशहर, नीरज शिक्षिका प्राथमिक विद्यालय किलामेवई खुर्जा, मेघ दत्त शास्त्री केन्द्रीय विद्यालय खुर्जा जंक्शन व साहित्यिक सांस्कृतिक प्रभारी प्रो रेखा चौधरी ने संयुक्त रूप से दीप प्रज्ज्वलित कर किया। प्रथम चरण में वाद-विवाद प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। वाद-विवाद की संयोजिका डॉ स्वर्णाली दे ने बताया कि वाद विवाद प्रतियोगिता का विषय “नौकरियों में बढ़ती हुई असुरक्षा का एकमात्र कारण है ए आई”  है। छात्राओं ने ए आई का स्वरूप, लाभ हानि, देश विदेश में प्रस्तावित ए आई से संबंधित विभिन्न सरकारी योजनाएं आदि पर प्रकाश डाला। इसमें 15 छात्राओं ने प्रतिभागिता की। वाद-विवाद प्रतियोगिता में इरम एम ए प्रथम वर्ष प्रथम स्थान पर, मान्या गोविल बी ए तृतीय वर्ष द्वितीय स्थान पर, खुशी बी ए तृतीय वर्ष तृतीय स्थान पर रहीं। कार्यक्रम के द्वितीय चरण में  उल्लास के अन्तर्गत लोकगीत प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। जिसमें भारत के विविध राज्यों विशेषतः पश्चिमी उत्तर प्रदेश की लोक संस्कृति को दर्शाते हुए लोक गीतों का गायन छात्राओं ने किया। लोकगीत प्रतियोगिता में 35 छात्राओं ने प्रतिभागिता की। वाद-विवाद तथा लोकगीत प्रतियोगिता में डॉ अर्चना सिंह डीएबी बुलन्दशहर, नीरज शिक्षिका प्राथमिक विद्यालय किलामेवई खुर्जा, मेघ दत्त शास्त्री केन्द्रीय विद्यालय खुर्जा जंक्शन ने निर्णायक की भूमिका का निर्वहन किया। मुख्य अतिथि अर्चना सिंह ने बताया कि लोकगीतों में हमारी संस्कृति, परंपरा, और जीवन का दर्शन होता है. लोकगीतों को लोक संस्कृति का सबसे अहम हिस्सा माना जाता है. लोकगीतों के ज़रिए हमारी संस्कृति के बारे में बहुत कुछ सीखा जा सकता है। महाविद्यालय की प्राचार्या प्रो डिंपल विज ने कहा कि इस प्रकार की प्रतियोगिताएं छात्राओं की सुप्त प्रतिभाओं को जागृत कर उनके आत्मविश्वास को बढ़ाती हैं। इस अवसर पर समस्त महाविद्यालय परिवार उपस्थित रहा।

Loading

Spread the love

By admin

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *