खुर्जा। ।भारत पुष्प। महाविद्यालय में रोवर एंड रेंजर्स प्रशिक्षण का समापन रंगारंग कार्यक्रम के साथ हुआ। सर्वप्रथम महाविद्यालय की प्राचार्या प्रोफेसर डिंपल विज एवं ओमपी हंस स्काउट गाइड कार्यालय बुलंदशहर एवं नीलू सिंह द्वारा ध्वजारोहण कर मां सरस्वती के समक्ष दीप प्रज्वलित एवं माल्यार्पण कर तृतीय दिवस का शुभारंभ किया गया। साथ ही सर्व- धर्म प्रार्थना सभा का आयोजन किया गया। इसके पश्चात दोनों दल ‘कल्पना चावला’ एवं ‘अपराजिता ‘दल की छात्राओं द्वारा व्यायाम एवं पौधारोपण किया गया । इन तीन दिवसीय शिविर में सिखाए गए विभिन्न प्रकार की गांठे, बंधन एवं खोजी चिन्ह के आधार पर छात्राओं से टेंट पिंचिंग व हैकिंग कराई गई, दिए गए नियमों के अनुसार सभी प्रतिभागियों ने तम्बू निर्माण प्रतियोगिता में प्रतिभा किया। छात्राओं द्वारा फ्रूट प्लाजा लगाया गया। श्री ओपी हंस द्वारा परेड के नियमों व बारिकियों के बारे में छात्रों को बताया गया, साथ ही आपदा में अपनी सुरक्षा एवं अन्य साथियों की सुरक्षा कैसे की जाए ,इसके अतिरिक्त छात्राओं को प्राथमिक चिकित्सा के उपाय भी बताए गए । इस अवसर पर महाविद्यालय की प्राचार्या प्रोफेसर डिंपल विज ने कहा कि, रोवर एंड रेंजर्स से युवाओं में नेतृत्व, अनुशासन और सहकारिता के कौशल का विकास करने में मदद करता है । उन्होंने रेंजर्स को देश का सजक प्रहरी की संज्ञा और रेंजर्स को विषम परिस्थितियों में देश के साथ कंधे से कंधा मिलाकर चलने वाली टीम की संज्ञा दी। ‘कल्पना चावला ‘टीम प्रभारी डॉक्टर अनामिका द्विवेदी ने बताया कि, रेंजर्स प्रशिक्षण के द्वारा छात्राओं को शिष्टाचार ,प्राथमिक चिकित्सा, तब्बू निर्माण करना एवं विभिन्न गतिविधियों में भाग लेने का अवसर मिलता है, रोवर एंड रेंजर्स स्काउट गाइड आंदोलन का ही हिस्सा है। जिसका उद्देश्य छात्राओं में सर्वांगीण विकास करना है। रोवर एंड रेंजर्स पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूकता पैदा करता है और पर्यावरण को बचाने के लिए काम करते हैं।अपराजिता दल प्रभारी श्रीमती शर्मिष्ठा जी ने कहा कि, इस तरह के प्रशिक्षण युवाओं के व्यक्तिगत विकास के लिए प्रोत्साहित करता है और उन्हें विभिन्न क्षेत्रों में अपनी क्षमता को विकसित करने में मदद करता है। द्वितीय सत्र में रंगारंग कार्यक्रमों के साथ महाविद्यालय की प्राचार्या प्रोफेसर डिंपल विज द्वारा स्काउट गाइड ध्वज की सलामी ली गई । इस दौरान राष्ट्रगान गा कर एवं ध्वज अवतरण कर शिविर के समापन की घोषणा की गई। इस अवसर पर महाविद्यालय की समस्त शिक्षिकाएं एवं शिक्षणेत्तर कर्मचारी एवं महाविद्यालय की अन्य छात्राएं मौजूद रहीं।
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