खुर्जा। ।भारत पुष्प। गुरूवार को राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ खुरजा की चाणक्य बस्ती पर संघ शताब्दी वर्ष विजयदशमी उत्सव पर पथ संचलन कार्यक्रम बनाया गया कार्यक्रम की शुरुवात  सुनील नगर संघचालक, सचिन कार्यक्रम  अध्यक्ष और धर्मेंद्र प्रान्त धर्म जागरण प्रमुख ने शस्त्र पूजन करके कार्यक्रम शुरू किया गया। कार्यक्रम के मुख्य वक्ता धर्मेंद्र ने सभी स्वयंसेवक बंधु को बताया कि राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के शताब्दी वर्ष में विजयदशमी उत्सव मना रहे हैं। यह केवल एक उत्सव नहीं, बल्कि आत्ममंथन और राष्ट्र साधना की दिशा में नए संकल्प लेने का अवसर है।1925 में डॉ. हेडगेवार जी ने संघ की नींव रखी। तब से लेकर आज तक असंख्य स्वयंसेवकों ने अपने जीवन का समर्पण राष्ट्रहित में किया। 100 वर्षों की यह यात्रा केवल संगठन की वृद्धि नहीं, बल्कि राष्ट्र निर्माण की अखंड साधना है।आज स्वयंसेवक का दायित्व केवल शाखा तक सीमित नहीं है। हमें समाज के हर क्षेत्र में जाकर संस्कृति, राष्ट्रभक्ति, सेवा और संगठन की भावना को प्रकट करना है।विजयदशमी का पर्व अधर्म पर धर्म की विजय और राम जी द्वारा रावण वध की स्मृति को उजागर करता है।संघ की स्थापना भी विजयदशमी के दिन डॉ. हेडगेवार ने उसी प्रेरणा से की थी: जातिवाद से ऊपर उठकर हिंदू समाज की एकता और आत्मबल का संकल्प।इस बार संघ ने पहली बार अयोध्या में पथ संचलन का आयोजन किया, यह राम जन्मभूमि और राम जी के आदर्शों की ओर संघ की निष्ठा का प्रतीक है।संघ के शताब्दी वर्ष में राम जी का विषयशताब्दी वर्ष में राम पथ पर स्वयंसेवकों का संचलन और राम जी के आदर्शों पर आधारित उद्बोधन संघ की वैचारिक यात्रा के साथ सामाजिक समरसता, राष्ट्रसेवा और अनुशासन को रेखांकित करता है ।सरसंघचालक के भाषण में राम जी के विषय को केंद्र में रखकर सेवा, एकता, धर्मनिष्ठा और न्याय की प्रेरणा दी जाती ह।राम जी के आदर्श—धर्म, सत्य, न्याय, समरसता—संघ के नवनिर्माण का संकल्प हैं, जो स्वयंसेवकों के आचरण व संस्थान के लक्ष्य में समाहित है।राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के शताब्दी वर्ष में पाँच संकल्प, पाँच दिशा-निर्देश, पाँच परिवर्तन –जो स्वयं से प्रारंभ होकर परिवार, समाज, राष्ट्र और विश्व तक मार्गदर्शन देते हैं कार्यक्रम अध्यक्ष सचिन बंसल ने कहा आज विजयदशमी के पावन अवसर पर हम सभी स्वयंसेवक राष्ट्र सेवा और संघ के आदर्शों को जीवन में उतारें। सत्य, धर्म और कर्तव्य के मार्ग पर चलकर हम राष्ट्रनिर्माण में अपना पूर्ण योगदान दें। कार्यक्रम के बाद सभी स्वयंसेवक बंधु ने पथ संचलन जैन मंदिर से शुरू होकर सावरम पुलिस चौकी से अहीर पाड़ा से सुभाष रोड से बिन्दा वाला चौक, कबाड़ी बाजार से ककाराला होते हुए जैन मंदिर पर पूर्ण हुयी कार्यक्रम मे चाणक्य बस्ती के समस्त कार्यकर्त्ता उपस्थित रहे।

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