खुर्जा। ।भारत पुष्प। एकेपी डिग्री कॉलेज में शोध परिषद हिंदी विभाग के तत्वाधान में पूर्व पीएचडी शोध सार प्रस्तुतीकरण कार्यक्रम का आयोजन किया गया । कार्यक्रम की मुख्य अतिथि महाविद्यालय की प्राचार्य प्रो डिंपल विज, शोध निर्देशिका व शोध परिषद की प्रभारी प्रो रेखा चौधरी ने संयुक्त रूप से दीप प्रज्ज्वलित कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया । प्रो रेखा चौधरी ने बताया की शोधार्थी सतीश कुमार के विश्वविद्यालय में शोध प्रबंध जमा करने से पूर्व शोधसार प्रस्तुतीकरण कार्यक्रम है। महाविद्यालय में प्राचार्या के संरक्षण में शोध परिषद निरंतर विकास की नई ऊंचाइयों को छू रही है। वर्तमान में महाविद्यालय में 14 शोधार्थी हिंदी विभाग में शोधरत हैं। शोधार्थी सतीश कुमार ने शोध विषय “नरेंद्र कोहली और ज्ञान चतुर्वेदी के व्यंग्य साहित्य का तुलनात्मक अध्ययन” विषय पर शोध सार प्रस्तुत किया । आपने बताया की व्यंग्य साहित्य की ऐसी विधा है जो हास्य, विडंबना और अतिशयोक्ति के माध्यम से सामाजिक, राजनीतिक और व्यक्तिगत विसंगतियों पर तीखा प्रहार करती है। नरेंद्र कोहली व ज्ञान चतुर्वेदी ने समाज में व्याप्त कुरीतियों पर कुठाराघात किया है। शोध निर्देशिका प्रो रेखा चौधरी ने कहा कि शोधार्थी ऐसा शोध करें जिसका सामाजिक प्रभाव हो । शोधार्थी सतीश के शोध विषय के अंतर्गत महाविद्यालय की प्राचार्य प्रो डिंपल विज ने कहा कि उच्च शिक्षा और शोध किसी राष्ट्र के विकास और प्रगति की रीढ़ है इसीलिए शोधार्थियों को मौलिक और मूल्यवान शोध करना चाहिए। इस अवसर पर समस्त महाविद्यालय परिवार और महाविद्यालय में अध्यनरत शोधार्थी उपस्थित रहे।
![]()
