खुर्जा। ।भारत पुष्प। रविवार को राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ द्वारा सरस्वती विद्या मंदिर, पर विशाल युवा एकत्रिकरण कार्यक्रम का आयोजन अत्यंत उत्साह, अनुशासन एवं राष्ट्रभाव के साथ सम्पन्न हुआ। कार्यक्रम में खुरजा नगर से बड़ी संख्या में युवाओं एवं स्वयंसेवकों ने सहभागिता की। आयोजन स्थल पर प्रारम्भ से ही उत्साहपूर्ण वातावरण दिखाई दिया तथा युवाओं में राष्ट्रसेवा एवं संगठन के प्रति विशेष जागरूकता देखने को मिली। कार्यक्रम का शुभारम्भ संघ की शाखा पद्धति के अनुसार हुआ। शाखा के अंतर्गत स्वयंसेवकों द्वारा सूर्य नमस्कार, योगाभ्यास, विभिन्न प्रकार के खेल, दण्ड संचालन, समता, व्यायाम एवं शारीरिक क्षमता विकसित करने वाली गतिविधियाँ करवाई गईं। इन सभी कार्यक्रमों में युवाओं ने पूरे उत्साह एवं अनुशासन के साथ सहभागिता की। शाखा की गतिविधियों के माध्यम से युवाओं में शारीरिक सुदृढ़ता, आत्मविश्वास, नेतृत्व क्षमता, अनुशासन, टीम भावना एवं सामाजिक समरसता के संस्कार विकसित करने का प्रयास किया गया। कार्यक्रम में मुख्य वक्ता के रूप में बुलंदशहर विभाग के विभाग प्रचारक विकास उपस्थित रहे। उन्होंने बौद्धिक में कहा कि राष्ट्र का भविष्य युवाओं की दिशा और संस्कारों पर निर्भर करता है। यदि युवा शक्ति सकारात्मक सोच, अनुशासन एवं राष्ट्रभक्ति के साथ आगे बढ़े तो भारत विश्व में पुनः अपने गौरवशाली स्थान को प्राप्त कर सकता है। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ पिछले अनेक वर्षों से समाज जीवन के प्रत्येक क्षेत्र में व्यक्ति निर्माण एवं राष्ट्र निर्माण का कार्य कर रहा है।
संघ का उद्देश्य समाज को संगठित कर राष्ट्र को परम वैभव तक पहुँचाना है। संघ की शाखा केवल दैनिक कार्यक्रम नहीं, बल्कि चरित्र निर्माण, व्यक्तित्व विकास और समाज सेवा का सशक्त माध्यम है। शाखा के माध्यम से व्यक्ति में सेवा, समर्पण, अनुशासन, नेतृत्व एवं राष्ट्र के प्रति उत्तरदायित्व की भावना जागृत होती है। मुख्य वक्ता विकास ने कहा कि आज का युवा केवल आधुनिकता की ओर न बढ़े, बल्कि अपनी संस्कृति, परम्पराओं एवं सनातन मूल्यों से भी जुड़ा रहे। भारत की संस्कृति विश्व को मानवता, परिवार व्यवस्था, समरसता एवं “वसुधैव कुटुम्बकम्” का संदेश देती है। युवाओं का दायित्व है कि वे भारतीय संस्कृति एवं राष्ट्रहित को सर्वोपरि रखते हुए समाज के प्रत्येक वर्ग के बीच सकारात्मक वातावरण निर्मित करें। उन्होंने कहा कि समाज में अनेक प्रकार की चुनौतियाँ उपस्थित हैं, जिनका समाधान संगठित एवं जागरूक समाज ही कर सकता है। संघ समाज को जोड़ने, समरसता बढ़ाने तथा राष्ट्रभाव जागृत करने का कार्य कर रहा है। युवाओं को चाहिए कि वे अपने दैनिक जीवन में समय निकालकर समाज सेवा एवं राष्ट्र निर्माण के कार्यों में सहभागी बनें। कार्यक्रम के दौरान युवाओं में विशेष उत्साह दिखाई दिया। विभिन्न खेलों एवं शारीरिक गतिविधियों के माध्यम से युवाओं ने संगठन शक्ति एवं सामूहिकता का परिचय दिया। आयोजन स्थल पर अनुशासन एवं व्यवस्थाओं का विशेष ध्यान रखा गया। कार्यक्रम में उपस्थित सभी स्वयंसेवकों एवं युवाओं ने राष्ट्रहित में कार्य करने का संकल्प भी व्यक्त किया। कार्यक्रम के अंत में संघ प्रार्थना के साथ राष्ट्र की उन्नति, समाज की एकता एवं विश्व कल्याण की कामना की गई। सम्पूर्ण कार्यक्रम राष्ट्रभक्ति, अनुशासन एवं संगठन भावना का प्रेरणादायी उदाहरण बनकर उपस्थित युवाओं के मन में नई ऊर्जा एवं उत्साह का संचार कर गया। इस अवसर पर संघ के अनेक दायित्ववान कार्यकर्ता, स्वयंसेवक, नगर के गणमान्य नागरिक एवं बड़ी संख्या में युवा उपस्थित रहे।
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